भारत समाचार
दुनिया की मंदी को भारत-चीन देंगे कंधा

बैंक ने पहले यह आकलन 5.0 प्रतिशत किया था। बैंक ने अगले साल यह रफ्तार 7.0 प्रतिशत रहने की संभावना जताई है। एडीबी की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कमजोर निर्यात और कृषि क्षेत्र में खराब प्रदर्शन की आशंका के बावजूद भारत के कुशल आर्थिक प्रबंधन ने उस पर वैश्विक आर्थिक मंदी का उतना ज्यादा प्रभाव नहीं दोने दिया है। एडीबी ने चीन के बारे में कहा है कि उसकी अर्थव्यवस्था इस साल 8.2 प्रतिशत की रफ्तार से बढेगी। यह पहले के आकलन के मुकाबले 1.2 प्रतिशत ज्यादा है। बैंक का कहना है कि इसकी वजह यह है कि चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था में 585 अरब डॉलर के राहत पैकेज का समावेश किया है।
बैंक ने कहा कि इस बेहतर आर्थिक आकलन की झलक इन क्षेत्रों के शेयर बाजारों में भी नजर आने लगी है। आर्थिक मंदी की शुरूआत के दौरान अमरीकी अर्थशाçस्त्रयों ने भी कहा था कि अगर भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाएं इसी रफ्तार से बढती रही, तो मंदी से उबरने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। लेकिन भारत और चीन से भी जब मंदी की खबर आने लगी तो चिंता के बादल और गहरे हो गए थे। एडीबी के आकलन के मुताबिक निर्यात पर निर्भर दक्षिण कोरिया, हांगकांग, सिंगापुर, ताइवान जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं में सुधार के आसार नहीं हैं, क्योंकि उनकी वस्तुओं की मांग फिलहाल कमजोर है।




















