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भारत समाचार

ठाकरे मराठी-गैर मराठी का विवाद खडाकर ठीक नहीं कर रहे : पीएम

मुंबई, 12 अक्टूबर। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार आज शाम पांच बजे समाप्त हो गया। औपचारिक प्रचार की समाप्ति के पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यहां प्रेस कांफे्रंस को सम्बोधित किया। जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे को आगाह किया कि वह मराठी-गैर मराठी का विवाद खडा कर अच्छा नहीं कर रहे। महाराष्ट्र विधानसभा के 13 अक्टूबर को होने जा रहे चुनाव प्रचार समाçप्त के आखिरी दिन यहां संवाददाताओं से बातचीत में डॉ. सिंह ने राज ठाकरे के बारे में पूछने पर कहा कि जो वह कर रहे है, अच्छा नहीं कर रहे और जिस तरह से कर रहे है, मैं व्यथित हूं लेकिन राज्य की जनता उन्हें जवाब देगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मुंबई के आधारभूत ढांचे के विकास को उच्चा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे पूर्व उद्योगपतियों से वार्ता में डॉ. सिंह ने कहा कि केवल कांग्रेस नीत सरकार ही मुंबई व राज्य को राष्ट निर्माण में अपनी भूमिका ने सक्षम बना सकती है, जिससे सर्वागीण समृद्धि आएगी। मुंबई का जवाब नहीं : प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई का जवाब नहीं और वह मुंबई और मुंबईवासियों को सलाम करते है। सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत मे मुंबई में गुजारे समय को याद करते हुए कहा कि मैने तीन वर्ष इस शहर में बिताए है और मैं अक्सर यहां आता जाता हूं।
मुंबई में रहने का उनका अनुभव अच्छा रहा और उन्होने इस दौरान मुंबई को बदलते देखा है, जो समय के साथ होना भी चाहिए, लेकिन शहर का बुनियादी किरदार वहीं है। मुंबई पर पिछले वर्ष के आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए उन्होने कहा कि वह पहले भी कह चुके है और दोहरा रहे है कि ऎसे हमले की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। इस चुनाव के लिए मतदान 13 अक्टूबर को सुबह सात से शाम पांच बचे तक कराया जाएगा। लेकिन मतगणना दीपावली के त्यौहार क बाद 22 अक्टूबर को ही होगी और उसी देर शाम तक सारे परिणाम मिल जाने की आशा है। इस बारे में चुनाव में गत 29 सितंबर को नामांकन पत्र की वापसी का समय गुजर जाने के बाद संबंध पक्षों को प्रचार के लिए केवल 11 दिन मिलें। उसमें से भी इस सप्ताह के तीन दिन राज्य में हुई भारी वर्षा के कारण प्रचार की दृष्टि से बेकार चले गए। पिछली तीन बार की तरह इस बार के चुनाव में भी किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिने की संभावनाओं के मद्देनजर एक-एक सीट के लिए भारी रस्साकस्सी चली रही है और इसलिए प्रचार के अंतिम दौर में काफी गहमागहमी रही।

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