मुंबई। रिजर्व बैंक ने अपनी उदार मौद्रिक नीति जारी रखते हुए मुख्य दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसके साथ ही सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर छह प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। रिजर्व बैंक के इस कदम से अर्थव्यवस्था में पर्याप्त तरलता बने रहने के परिणाम स्वरूप ब्याज दरों में नरमी रहने के आसार हैं। बैंक ने मंहगाई की स्थिति पर चिंता जताते हुए इस साल के अंत तक मुद्रास्फीति के 6.5 प्रतिशत तक पहुंच जाने का अनुमान लगाया है। पिछली समीक्षा में बैंक ने इसके पांच प्रतिशत तक रहने का अनुमान व्यक्त किया था। रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने मौजूदा वित्त वर्ष 2009-10 की दूसरी तिमाही की मौद्रिक समीक्षा के मौके पर बैंक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रिजर्व बैंक वर्ष के बाकी बचे समय में मौद्रिक नीति की समीक्षा आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की स्थिति को देखते हुए करेगा।