कोई परिणाम नहीं मिला

No Result Found

भारत समाचार

डिफेंडरों के लिए ब्रासा ने बनवाया विशेष शिन पैड

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच जोस ब्रासा को सबसे अधिक चिंता इस बात को लेकर है कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए पुणे में अभ्यासरत उनके सभी 16 खिल़ाडी पूरी तरह फिट रहें। अभ्यास मैचों के दौरान डिफेंडरों के चोटिल होने की सबसे अधिक आशंका रहती है, ऎसे में ब्रासा ने इन खिलाडियों के लिए एक विशेष प्रकार का शिन-पैड तैयार करवाया है।

भारतीय टीम के एक वरिष्ठ खिल़ाडी ने बताया कि ब्रासा को इस बात की चिंता खाए जा रही है कि खेलों से पहले अगर उनका कोई खिल़ाडी चोटिल हो गया तो उनकी टीम को 15 खिलाडियों के साथ ही खेलना प़डेगा। अपेक्षाओं का दबाव बहुत ज्यादा है, लिहाजा ब्रासा किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते। यही कारण है कि वह उपकरणों को बेहतर बनाने के लिए तरह-तरह के प्रयोग कर रहे हैं। नाम जाहिर नहीं होने देने की शर्त पर एक खिल़ाडी ने कहा, ""अभ्यास मैचों के दौरान सबसे अधिक खतरा डिफेंडरों को पेनाल्टी कार्नर रोकते वक्त रहता है। गेंद के घुटने या पैर के अगले हिस्से पर लगने की संभावना सबसे अधिक होती है। हड्डी में लगी चोट जल्दी ठीक नहीं होती, लिहाजा ब्रासा ने सामान्य शिन-पैड से अलग एक विशेष प्रकार का शिन-पैड तैयार करवाया है।"" ""इसके लिए पुणे के बालेवडी खेल परिसर में मेडिकल सुविधा मुहैया कराने वाले संक्रीती अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञों की मदद ली गई है। इस शिन-पैड की डिजाइन खुद ब्रासा ने तैयार की है। इसे सुधारने के लिए अस्पताल के विशेषज्ञों की मदद ली गई है। यह ब़डा कारगर शिन-पैड है, जो विषम परिस्थितियों में भी खिलाडियों की रक्षा करता है।"" भारतीय टीम के कुछ प्रमुख खिल़ाडी डिफेंडर की भूमिका निभाते हैं। पूर्व कप्तान संदीप सिंह, विक्रम पिल्ले, तुषार खांडेकर और धनंजय महाडिक इनमें शामिल हैं। पेनाल्टी कार्नर रोकने में इन्हीं खिलाडियों की भूमिका होती है। ऎसे में इन्हीं खिलाडियों के चोटिल होने का सबसे अधिक खतरा रहता है। ब्रासा को सबसे अधिक डर इस बात का है कि पेनाल्टी कार्नर रोकने में भूमिका निभाने वाले सभी खिल़ाडी उनकी टीम का प्रमुख हिस्सा हैं। उनके बगैर टीम की कल्पना नहीं की जा सकती। खासतौर पर राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तो बिल्कुल भी नहीं, जिसके लिए टीम चुनी जा चुकी है। इसी कारण ब्रासा इन सभी प्रमुख खिलाडियों की फिटनेस को लेकर चिंतित हैं। ब्रासा ने डिफेंडरों के लिए एक विशेष प्रकार का हेलमेट भी तैयार करवाया है। पेनाल्टी कार्नर रोकते वक्त यह हेलमेट खिलाडियों के सिर और गर्दन की रक्षा करेगा। इस तरह के पांच हेलमेट तैयार कराए गए हैं। ब्रासा ने ही इसका डिजाइन तैयार किया है। ब्रासा ने गोलकीपर भरत चिकारा को भी यही हेलमेट पहनने की सलाह दी है। एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए टीम में शामिल एकमात्र गोलकीपर भरत को एक अभ्यास मैच के दौरान टखने में चोट लग गई थी। अच्छी बात यह रही कि उनकी चोट गंभीर नहीं है। भरत को 10 दिनों तक आराम के लिए कहा गया है। इसके बाद वह पूरी तरह फिट हो जाएंगे। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय टीम के अन्य खिल़ाडी पूरी तरह फिट हैं और जोरदार अभ्यास में जुटे हैं।  

अन्य खबरें

ये भी पढ़ें

अन्य खबरें