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बोलिंगर,जॉनसन की घातक गेंदबाजी से भारत 170 पर सिमटा

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय किया जिसके बाद सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने मैच और जॉनसन के पहले ओवर की दूसरी गेंद पर छक्का ज़डकर अपने तेवर दिखा दिए लेकिन आस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने जल्द ही पिच से मिल रही स्विंग को पढ़ते हुए इसी ओवर की चौथी गेंद पर सहवाग और फिर आखिरी गेंद पर गौतम गंभीर को बोल्ड करते हुए मैच का रूख अपनी तरफ पलट दिया। पिछले मैच में शानदार पारी खेलने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन (10) भी डग बोलिंगर की गेंद पर उन्हें ही कैच देकर चलते बने। जल्द ही मिले झटकों से संकट में फंसी टीम को उबारने की पूरी जिम्मेदारी अब युवराज सिंह और धोनी के कंधों पर थी लेकिन युवराज बोलिंगर की एक गेंद को रोकने के चक्कर में उसे खुद ही अपने बल्ले से स्टंप्स में मारे बैठे। पिछले मैच में अर्धशतक ज़डने वाले सुरेश रैना भी जॉनसन के जाल में फंस गए और बिना खाता खोले नाथन होरिट्स को कैच देकर चलते बने। बैकफुट पर आई टीम की आखिरी आस अब कप्तान से थी।
धोनी ने रविंद्र जडेजा के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 48 रन तो की लेकिन वह भी बोलिंगर की गेद पर एलबीडब्ल्यू पर पूरी तरह से पानी फेर दिया। टीम में आलरांउडर के भूमिका निभा रहे-जडेजा ने धीमी गति के साथ स्कोर को चलायामन रखते हुए 96 गेंदों पर पांच चौको की मदद से अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने प्रवीण के साथ मिलकर आठवे विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। पोटिंग ने इस साझेदारी को तो़डने के लिए बोलिंगर को गेद सौंपी जिन्होंने जडेजा को व्हाइट के हाथों कैच कराकर इसका अंत किया। इस बीच प्रवीण कुमार ने भी तेजी से खेलते हुए 48 गेंदों पर सात चौके और एक छक्का ज़डते हुए अपना पचाया ठोका। उनका साथ देने आए नेहरा और मुनाफ को वॉटसन ने बोल्ड कर भारतीय पारी का अंत किया।




















