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भारत समाचार

गन्ना किसानों का संसद घेराव आज

नई दिल्ली। गन्ना मूल्य की पुरानी दरें रद्द करने और नई दरों की घोषणा किए जाने पर अडे किसानों ने बुधवार को राष्ट्रपति से हुई अपनी मुलाकात में साफ कर दिया कि जब तक अध्यादेश वापस नहीं होता, वे विरोध के मोर्चे पर डटे रहेंगे। राष्ट्रीय लोक दल ने पूरे देश में गन्ने की समान कीमत रखने जैसे प्रावधानों वाले विधेयक के खिलाफ राष्ट्रीय लोकदल ने संसद का शीतकालीन सत्र बाधित करने की चेतावनी दी है।
यह सत्र आज 19 नवंबर से शुरू हो रहा है। राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के प्रमुख अजित सिंह ने संवाददाताओं से कहा अक्टूबर में सरकार ने विधायक को मंजूरी दी और किसी भी राज्य सरकार के गन्ने की उचित और लाभदायक कीमत (एफआरपी) घोषित करने से पहले विश्वास में नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि अब तक गन्ने का भाव राज्य द्वारा सुझाया गया मूल्य (एसउपी) के आधार पर निर्धारित होता था। लेकिन विधेयक के पारित होने के बाद गन्ने का एफआरपी केन्द्र निर्धारित करेगा। सिंह ने इस मामले में भाजपा, माकपा, भाकपा, समाजवादी पार्टी और तेदेपा के समर्थन का दावा किया।
गन्ना मूल्यों के विरोध में तीन दिन से संसद मार्ग पर धरना दे रहे किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत को मनाने सरकार ने केंद्रीय राज्य मंत्री हरीश रावत को लगाया है लेकिन देर शाम तक उन्हें कोई सफलता हाथ नही लगी। टिकैत को बताया गया है कि उनके ज्ञापन पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और फिलहाल वे धरना समाप्त कर दें मगर टिकैत ने इस आग्रह को ठुकरा दिया। संसद मार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा और यातायात में परिवर्तन किया गया है और इसके चलते दिल्ली यातायात पुलिस ने आज कई जगहों पर जाम लगने की संभावना भी जताई है।

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