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चीन-पाक सैन्य गठजो़ड चिंतनीय : एंटनी

एंटनी का चीन के बारे में यह बेबाक बयान तब आया है जब दो दिन पहले भारत की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से शिखर बैठक के दौरान चीन द्वारा रह-रहकर अपना रूतबा दिखाने की ओर इशारा किया था। ओबामा की चीन यात्रा के दौरान अमेरिका और चीन के संयुक्त बयान में पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने के बारे में चीन की भूमिका को लेकर भी भारत ने एतराज किया था।
पाकिस्तान के साथ संबंधों के बारे में एंटनी ने कहा कि उसे अपनी धरती पर पनप रहे आतंकवाद को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा, भारत अपने सभी प़डोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है और पाकिस्तान के साथ वार्ता शुरू करने की प्रधानमंत्री की इच्छा को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकी ढांचा कायम ही नहीं बल्कि खूब पनप भी रहा है। पाकिस्तान ने आतंकवादियों और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की इच्छा नहीं दिखाई है। लिहाजा हमें पाकिस्तान के घटनाक्रमों पर निगाह रखनी होगी। पाक के लिए चीन सबसे ब़डा रक्षा सौदागर है। वह बडी तादाद में पाक सेना को अश्त्र-शस्त्र की आपूर्ति करता है। पाक का पूरा मिसाइल कार्यक्रम चीन की मदद पर निर्भर है। चीन की मदद से पाक के दो परमाणु रियेक्टर चल रहे हैं। इसके अलावा पाक के पास चीन निर्मित मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइले, फाइटर एयरक्र ाफ्ट, हेलीकॉप्टर और टैंक हैं।




















