नई दिल्ली। दुनिया में सबसे सस्ती कॉल दरों की सुविधा हासिल कर रहे भारतीय मोबाइल उपभोक्ताओं को आने वाले समय में मौजूदा दौर की तरह शायद ही लगातार सस्ती कॉल दरें प्राप्त हो। एक समय प्रति सेकेंड कॉल दर के लिए दूरसंचार कंपनियों पर दबाव बनाने वाले दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आए दिन कम हो रही कॉल दरों को मोबाइल क्षेत्र की बढत में बाधा दिखानी शुरू कर दी हैं। उसका मानना है कि जिस तरह से मोबाइल कंपनियों की आय कम हो रही हैं, उससे आने वाले समय में चुनिंदा कंपनियां ही मैदान में रह जाएगी। ऎसे में कॉल दरों पर नियंत्रण की संभावनाएं तलाश करना शुरू कर दिया हैं। इस दिशा में ठोस व निर्णायक आकलन के लिए उसने कॉल दरों की जंग के बाद कंपनियों को हुए नफा-नुकसान की समीक्षा शुरू करने का निश्चय किया हैं, जिसके आधार पर आगे की दिशा तय की जा सके।