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आसियान और चीन में नए साल से खुला व्यापार

एक ओर चीन इस समझौते से उम्मीद कर रहा है कि उसकी कच्चो माल की दिक्कतें दूर हो सकेंगी, जबकि आसियान देशों के सदस्य चीन के विशाल बाजार में अपने लिए संभावनाएं देख रहे हैं। आसियान बहुत विवधता वाले देशों का समूह है जिसमें एक ओर सिंगापुर जैसा विकसित सदस्य है तो लाओस जैसा गरीब कम्युनिस्ट देश भी है। मगर इस समझौते के बाद आसियान चीन का चौथा ब़डा व्यापार सहयोगी बन जाएगा और संभावना है कि वह चीन के व्यापार का दस प्रतिशत हिस्सा साझा करेगा।
इस समझौते के लागू होने से चीन को उम्मीद है कि उसके प्राकृतिक संसाधनों की कमी पूरी हो सकेगी। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी झांग केनिंग ने कहा कि समझौते से चीन के निर्माण उद्योग को काफी सहायता मिलेगी। झांग केनिंग ने कहा, चीन और आसियान देशों के कई ऎसे उत्पाद हैं जो एक दूसरे के लिए उपयोगी हैं। मुक्त व्यापार क्षेत्र स्थापित होने से आसियान देशों से आयात बढ़ाकर हम व्यापार की अपनी पूरी प्रक्रिया में सुधार की संभावना देखते हैं। उन्होंने बताया कि चीन दक्षिण कोरिया के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते की संभावनाओं पर विचार कर रहा है, हालांकि अभी अंतिम दौर की चर्चा शुरू नहीं हुई है।
आसियान देशों के सदस्यों को चीन की सस्ती उपभोक्ता वस्तुओं और कार के सस्ते कलपुर्जो से प्रतिस्पर्धा का सामना करना प़डेगा। वियतनाम, थाईलैंड और कंबोडिया जैसे देशों में टैक्सटाइल, फुटवियर और इस्पात उद्योग को भी चीन के सस्त उत्पादों से चुनौती मिलने वाली है।
थाईलैंड को अपनी सस्ती ज्वेलरी और सौंदर्य प्रसाधनों के लिए चीन का ब़डा बाजार मिल जाएगा तो कुछ देशों को अपने उद्योगों के लिए चीन से कच्चो माल भी मिल जाएगा।
गौरतबल है कि चीन और आसियान के बीच मुक्त व्यापार समझौता नवंबर 2002 में हुआ था। इसके बाद दोनों पक्ष धीरे-धीरे व्यापार टैक्स दरों में कटौती करते रहे हैं। समझौते के बाद पहली बार वर्ष 2005 में वस्तुओं और सेवाओं के लिए व्यापार टैक्स की दरें घटाई गई थीं और उसके बाद 2007 में दूसरे दौर की कटौती हुई, लेकिन निवेश पर समझौता वर्ष 2009 के अगस्त में ही पूरा हुआ। जैसा कि समझौता हुआ है, इंडोनेशिया, ब्रुनेई, मलेशिया, फिलिपीन्स, सिंगापुर और थाईलैंड के लिए चीन के साथ व्यापार टैक्स में 90 प्रतिशत कटौती वर्ष 2010 से ही लागू हो जाएगी, मगर लाओस, वियतनाम, कंबोडिया और बर्मा (म्यांमार) के लिए यह कटौती वर्ष 2015 से लागू होगी। टेक्सटाइल और कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामानों के व्यापार को संवेदनशील माना गया है और दस प्रतिशत वस्तुओं पर व्यापार दर में कटौती धीरे-धीरे की जाएगी।




















