नई दिल्ली,। विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने मंगलवार को कहा कि दुनिया भर से मिले व्यापक समर्थन के कारण भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट जीतने में सफल हो पाया।
कृष्णा ने इसे स्थायी सदस्यता की ओर भारत का एक कदम बताया है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस आशय की घोषणा किए जाने के कुछ ही क्षण बाद यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कृष्णा ने व्यापक समर्थन देने के लिए वैश्विक समुदाय को भारत की ओर से धन्यवाद दिया।
कृष्णा ने कहा, ""इससे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की उम्मीदें जाहिर होती हैं।"" कृष्णा ने कहा, ""यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भारत के व्यापक समर्थन की अभिपुष्टि करता है।"" उन्होंने कहा, ""भारत सुरक्षा परिषद के निर्णयों में संयम एवं रचनात्मक आदान-प्रदान की एक आवाज बनेगा।"" कृष्णा ने कहा कि यह जीत आतंकवाद से ल़डाई और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में वैश्विक मंच पर भारत की प्रमुख भूमिका का संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के सदस्य के रूप में भारत की तात्कालिक प्राथमिकता देश के प़डोस में शांति एवं स्थिरता स्थापित करनी होगी। इसमें अफगानिस्तान, मध्य पूर्व और अफ्रीका शामिल हैं। कृष्णा ने कहा, ""हम एक संकटग्रस्त प़डोस में रहते हैं।"" यह पूछे जाने पर कि क्या इससे सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत का दावा मजबूत होगा, कृष्णा ने कहा, ""यह इस दिशा में एक कदम है।"" भारत को लगभग दो दशक बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्यता हासिल हो सकी है। इस सीट के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुए मतदान में कुल 191 मतों में से भारत के पक्ष में 187 मत प़डे। अस्थायी सीट की दावेदारी से कजाकस्तान के हटने के बाद भारत एशियाई क्षेत्र से इस सीट के लिए अकेला उम्मीदवार रह गया था और इस तरह भारत की जीत लगभग सुनिश्चित हो गई थी। इसके पहले भारत को 1992 में संयुक्त राष्ट्र में अस्थायी सदस्यता मिली थी। दक्षिण अफ्रीका और कंबोडिया ने भी अफ्रीकी और लातिन अमेरिकी सीटों पर जीत दर्ज कराई है।
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भारत संयुक्त सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट जीतने में सफल





















