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भारत समाचार

असम हिंसा में अब तक 23 मरे

गुवाहाटी। असम में जनजातीय विद्रोहियों की हिंसा और मार-काट मंगलवार को जारी रही। विद्रोहियों ने तीन और गैर जनजातीय लोगों की हत्या कर दी। इस तरह रात से हो रहे सिलसिलेवार हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
प्रतिबंधित "नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड" (एनडीएफबी) के विद्रोहियों ने मंगलवार दोपहर गुवाहाटी से 260 किलोमीटर दूर स्थित कोकराझार जिले के उल्टापानि गांव के नजदीक दो और लोगों पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। कोकराझार पुलिस प्रमुख पी. के. दत्ता ने फोन पर आईएएनएस को बताया, ""हमले में दो गैर जनजातीय लोग मारे गए हैं।
मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि हमें कुछ और लोगों के घायल होने या मारे जाने की आशंका है।"" उन्होंने बताया, ""जिस इलाके में यह घटना हुई वह भूटान सीमा के नजदीक घने जंगलों वाला क्षेत्र है। इसलिए इसकी सटीक जगह पता लगाना और मामले में अन्य जानकारियां इकट्ठा करना मुश्किल है।"" पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार देर रात कोकराझार जिले में हुए दो अलग-अलग हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। गत दो दिनों से जारी हिंसा में अब तक 23 लोग मारे जा चुके हैं। एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि एनडीएफबी के अलगाववादियों ने कोकराझार के दौराघाट गांव में रात के करीब नौ बजे हमला किया। इस हमले में एक व्यक्ति मारा गया, जबकि छह लोग घायल हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर है। एक दूसरी घटना में एनडीएफबी विद्रोहियों ने स़डक का निर्माण करने वाले कर्मियों के एक समूह पर गोलियां चलाईं। इसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। ज्ञात हो कि एनडीएफबी सोमावार शाम से समन्वित रूप से हमले कर रहा है। मुख्यमंत्री तरूण गोगोई का कहना है, ""हम आतंक से भयभीत नहीं हैं और सेना, पुलिस व अर्धसैनिक बल के जवानों ने पहले ही एनडीएफबी के गढ़ों पर भारी कार्रवाई शुरू कर दी है।"" सोमवार सुबह सोनितपुर जिले में एक मुठभे़ड के दौरान पुलिस द्वारा एडीएफबी के एक विद्रोही को मार गिराए जाने के बाद हिंसा की यह घटना हुई है। विद्रोहियों ने 20 या इससे अधिक लोगों को मारने की धमकी दी थी और उन्होंने ऎसा ही किया। एनडीएफबी के प्रवक्ता बी. सडबंग्सो ने एक अज्ञात स्थान से फोन पर कहा, ""सोमवार को मुठभे़ड में मारे गए महेश बासुमतेरी को पुलिस एनडीएफबी विद्रोही बता रही है जबकि वह एक निर्दोष बोडो जनजातीय नागरिक था और इसलिए हमने उसकी हत्या का प्रतिशोध लिया।""

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