नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भले ही दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स माने जाते हों लेकिन जब वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे तो उनके साथ एक आम इनसान की तरह ही व्यवहार किया जाएगा।
राजघाट समाधि समिति के सचिव रजनीश कुमार ने कहा कि बापू की समाधि पर किसी को छोटा या ब़डा मानकर व्यवहार नहीं किया जाता क्योंकि ऎसा करना राष्ट्रपिता के सिद्धांतों के विरूद्ध है। कुमार ने बुधवार को बताया, ""हम समझते हैं कि ओबामा महात्मा गांधी के बारे बहुत कुछ जानने को बेताब हैं और इसलिए भी वे राजघाट का दौरा करेंगे। अतिथियों की स्वागत करना हमारी परंपरा है और उनके साथ भी ऎसा करेंगे।""
उन्होंने कहा, ""जब कभी भी प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति स्तर के लोग यहां आते हैं तो एक तरह का प्रोटोकॉल होता है। इस प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।"" गौरतलब है कि 2006 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने भी अपने भारत प्रवास के दौरान राजगाट का दौरा किया था।




















