नई दिल्ली। अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के 24 सितंबर को आने वाले फैसले को टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपील पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी।
अब इस पर गुरूवार को उचित में बेंच में सुनवाई हो सकती है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में दोपहर दो बजे सुनवाई होनी थी। सेवानिवृत्त अफसर रमेशचंद्र त्रिपाठी इस मुद्दे पर हाईकोर्ट के शुक्रवार के फैसले को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई। उन्होंने इस फैसले को टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई है। त्रिपाठी चाहते हैं कि यह फैसला 14 अक्टूबर को राष्ट्रमंडल खेलों की समाप्ति के बाद सुनाया जाए। इसी के साथ इस अवधि के दौरान इस मसले को सुलह के जरिए सुलझाने की संभावना भी तलाशी जाएं। दावेदार नहीं चाहते 1950 से चल रहे इस मुकदमे में चार मुख्य दावेदार हैं- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अख़ाडा, राम जन्मभूमि न्यास और (स्वर्गीय) गोपालसिंह विशारद। हाईकोर्ट में निर्मोही अख़ाडे को छो़डकर बाकी कहना था कि वे किसी समझौते के पक्ष में नहीं हैं। अख़ाडे ने फैसले की तारीख बढ़ाने की मांग की थी।
भारत समाचार
अयोध्या पर फैसला टालने पर नहीं हो सकी सुनवाई





















