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भारत समाचार

बिहार में बाढ़ का कहर जारी

पटना। बिहार के गोपालगंज जिले में बाढ़ का कहर जारी है। इस बीच नेपाल में भारी बारिश के कारण गंडक नदी में जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके चलते बाढ़ की स्थिति और बिग़डने की आशंका है।

पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक बुधवार को वाल्मीकीनगर के बैराज से गंडक नदी के जलस्तर में वृद्घि दर्ज की गई है। कक्ष में तैनात कनिष्ठ अभियंता मनोज कुमार ने बुधवार को बताया कि दो बजे दिन में बैराज से गंडक नदी का जल प्रवाह 1,83,000 क्यूसेक था, जबकि 10 बजे यह 1,69,400 क्यूसेक दर्ज किया गया था। इसी तरह आठ बजे बैराज के पास गंडक नदी में 1,63,800 क्यूसेक पानी मापा गया था। गंडक में जलस्तर बढ़ने के कारण गोपालगंज में बाढ़ की स्थिति और बिग़डने की आशंका जाहिर की जा रही है। इधर, प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का दावा कर रहा है। जिले के एक अधिकारी के अनुसार बाढ़ से बरौली और सिधवलिया प्रखंड के करीब 60 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें से कुछ गांवों में पानी भरा हुआ है, जबकि अधिकांश गांवों में करीब दो फुट पानी बह रहा है। अधिकारी ने बताया कि गंडक का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग-28 और बरौली-सीवान मार्ग के ऊपर से बह रहा है। इसके चलते इन दोनों मार्गो पर आवागमन ठप्प हो गया है। आश्ंाका जाहिर की जा रही है कि अगले 24 घंटों में बाढ़ का पानी बैकुंठपुर प्रखंड में प्रवेश कर जाएगा। अधिकारियों के अनुसार बाढ़ से अब तक करीब 60 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। इधर, प्रशासन ने सबसे अधिक प्रभावित बरौली प्रखंड में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

राष्ट्रीय आपदा अुनक्रिया बल (एनडीआरएफ) बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के अलावा पीç़डतों का इलाज भी करेगी। एनडीआरएफ द्वितीय वाहनी के उप कमांडेंट जी$ सेरपा ने कहा कि गोपालगंज में एनडीआरएफ की सात टीम राहत और बचाव कार्य में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि गुरूवार से एनडीआरएफ की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब तक बाढ़ में फंसे एक हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। कई परिवार घर छो़डने को तैयार नहीं हैं। इसके चलते बचाव दल को काफी परेशानी का सामना करना प़ड रहा है। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है। उल्लेखनीय है कि गोपालगंज के बरौली प्रखंड के सेमरिया गांव के पास रविवार को गंडक नदी का बचाव बांध टूट गया था। जबकि 16 सितंबर को मुख्य तटबंध टूट गया था।  

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