पटना। बिहार में करीब एक सप्ताह पूर्व बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियो को नक्सलियों ने सोमवार को रिहा कर दिया गया। इसकी पुष्टि करते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बताया कि लखीसराय जंगल से तीनो बंधक पुलिसकर्मियों को रिहा कराया गया है।
गौरतलब है कि 29 अगस्त को लखीसराय के कजरा थाना क्षेत्र में हुई पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड के बाद नक्सलियों ने चार पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया गया था। बंधक बने पुलिसकर्मियों में रूपेश कुमार सिन्हा (बेतिया), अभय यादव (बेगूसराय) तथा एहतशाम (मांडर, रांची) शामिल है। नक्सलियो ने रविवार सुबह इन तीनो बंधक पुलिसवालों को लखीसराय के जंगलों में रिहा कर दिया। सूत्रों के अनुसार, नक्सल सेंट्रल कोर कमिटी ने ये फैसला जुमई के पास अपनी एक बैठक में पहले ही ले लिया था। हालांकि खबर ये भी है कि उन्होंने राज्य सरकार की ओर से बातचीत के न्यौते को ठुकरा दिया है और उनका तीनों पुलिसकर्मियों को छोडने का फैसला सिर्फ और सिर्फ मानवीय संवेदनाओं के आधार पर लिया गया है। इससे पहले नक्सलियों ने बंधक बनाए गए एक अन्य पुलिसकर्मी लुकस टेटे की शुक्रवार को हत्या कर दी थी।
नक्सलियो ने लुकस टेटे की हत्या पर अफसोस जताया है और कहा है कि हवलदार लुकस टेटे की हत्या उनकी ओर से की गई एक मानवीय भूल है। माना जा रहा है कि नक्सलियो ने पिछले 7 दिन से लखीसराय के कजरा के जंगलों में ही 3 पुलिसवालों को बंधक बनाकर रखा था। उस दिन से अबतक हर रोज बंधकों के परिवारवाले लगातार नक्सलियों से रिहाई की अपील कर रहे थे।
भारत समाचार
बिहार: नक्सलियों ने किया बंधक पुलिसकर्मियों को रिहा





















