नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए खिलाडियों को उनके ठहरने के स्थान से अभ्यास स्थलों तक ले जाने और वापस लाने को लेकर अब तक कोई विस्तृत योजना तैयार नहीं की है। ऎसे में जबकि खिलाडियों के भारत पहुंचने में एक सप्ताह से भी कम का समय रह गया है, पुलिस और आयोजन समिति की इस लापरवाही के कारण विदेशी खिलाडियों की तैयारियों पर फर्क प़ड सकता है। पुलिस का कहना है कि आयोजन समिति ने उसे अब तक खिलाडियों के कार्यक्रम और उनकी यात्रा से जु़डा विस्तृत विवरण नहीं सौंपा है। इसी वजह से खिलाडियों को अभ्यास स्थलों तक लाने और ले जाने की योजना तैयार करने में देरी हो रही है। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (ट्रैफिक) अजय चbा ने बताया, ""हमें आयोजन समिति की ओर से योजना संबंधी विवरण नहीं मिला है। खिलाडियों से जु़डी कोई भी योजना बनाने से पहले हमें उनके कार्यक्रम के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके जरिए ही यह तय किया जाएगा कि खिलाç़डयों को अभ्यास स्थलों तक ले जाने और लाने के लिए कितनी बसों की जरूरत होगी। इसी आधार पर ट्रैफिक व्यवस्था भी की जाएगी।"" राष्ट्रमंडल खेलों के लिए खिलाडियों का 20 सितंबर से नई दिल्ली पहुंचना शुरू हो जाएगा। 3 से 14 अक्टूबर तक होने वाले इस महाआयोजन में 53 देशों के 7000 खिल़ाडी शिरकत करेंगे। पुलिस ने बताया कि खिलाडियों को इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से होटल के कमरों तक पहुंचाने की योजना पर चर्चा हो चुकी है। चbा ने कहा, ""20 से 23 सितंबर तक रात के समय गेम-लेन आम लोगों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। इसका कारण यह है कि विदेशों से आने वाली अधिकांश उ़डाने रात के वक्त ही नई दिल्ली पहुंचती हैं।"" पुलिस ने गेम-लेन के लिए ट्रायल पहले से ही शुरू कर दी है। इसकी आजमाइश कई चरणों में की जा रही है। इसके लिए सख्त नियम बनाए गए हैं और इसका उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। गेम-लेन में घुसने वालों के वोहन जब्त कर लिए जाएंगे और साथ ही उन पर 2000 रूपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। खिलाडियों को आयोजन स्थलों तक ले जाने और वापस लाने के लिए 25 मार्गो का चयन किया गया है। इन मार्गो पर मीडिया और तकनीकी स्टॉफ के लिए विशेष बसें चलाई जाएंगी। 23 सितंबर से खिलाडियों, मीडिया और तकनीकी स्टाफ को इन मार्गो पर आवाजाही की सुविधा मुहैया हो जाएगी।
भारत समाचार
राष्ट्रमंडल खेल : खिलाडियो की आवाजाही अब तक तय नहीं





















