जम्मू। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की चार दिवसीय भारत यात्रा से पहले अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह ने गुरूवार को उनसे अपील की कि वे कश्मीर मुद्दे के हल के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता को आगे बढ़वाने की पहल करें।
शाह ने कहा, ""अगर वे मध्यस्थता नहीं कर सकते तो कम से कम उन्हें कश्मीर विवाद को हल करने के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कहना चाहिए।"" जम्मू एवं कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के अध्यक्ष एवं ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस की कार्यकारी परिषद के सदस्य शाह ने यह बात बुधवार रात यहां की एक जेल से रिहा होने के बाद कही। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ""कश्मीर मुद्दे के कारण ही भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट पाने में अक्षम है।"" शाह ने पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर के गिलगित और बालिस्तान इलाकों के विसैन्यीकरण की मांग की। याद रहे कि सितम्बर मेंचीनी सेना की मौजूदगी के कारण गिलगित और बालिस्तान इलाकों ने विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचा था। ये इलाके 1947 तक अविभाजित जम्मू एवं कश्मीर के हिस्से थे। शाह, जिन्हें "कश्मीर का नेल्सन मंडेला" भी कहा जाता है, ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में विसैन्यीकरण की जरूरत है, इसलिए गिलगित सहित पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाकों से सेना को वापस बुला लेना जरूरी है। इससे पहले देश की मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने शाह की पत्रकार वार्ता को बाधित करने का प्रयास किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही सामान्य स्थिति बहाल हो पाई।




















