भोपाल। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व सर संघचालक के.एस. सुदर्शन के विवादित बयान पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू, गोवा और बिहार में जमकर प्रदर्शन किया। जगह-जगह सुदर्शन के पुतले फूंके गए। मध्य प्रदेश में हालात पर नियंत्रण के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना प़डा, जबकि रायपुर में पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू और विपक्ष के नेता रविंद्र चौबे सहित 250 कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया।
भोपाल में सुदर्शन ने गत बुधवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर गंभीर आरोप लगाए थे। सुदर्शन के इस बयान के विरोध में भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सुदर्शन का पुतला फूंककर माफी मांगने के लिए कहा। वहीं, बजरंग दल संघ के समर्थन में स़डक पर उतर आया। उधर, जबलपुर में सुदर्शन के बयान के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला फूंक रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं और पुलिस से विवाद हो गया। देखते-देखते दोनों दलों के कार्यकर्ता एक दूसरे पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना प़डा। इसी तरह इंदौर में सुदर्शन का पुतला फूंक रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके अलावा इंदौर प्रवास पर आए सुदर्शन को काले झंडे दिखाने पहुंचे युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भाजपा व संघ स्वयंसेवकों ने पिटाई कर दी। पुलिस ने यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया। मंदसौर में भी पुतला दहन और प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की हुई।
गुरूवार रात को इंदौर में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता के.के. मिश्रा के आवास पर कुछ लोगों ने पथराव किया। मिश्रा का आरोप है कि यह पथराव संघ से जु़डे लोगों ने किया है। उधर, रायपुर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष धनेन्द्र साहू और विपक्ष के नेता रविंद्र चौबे के नेतृत्व में करीब 250 कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सुदर्शन की गिरफ्तारी की मांग करते हुए राज्यपाल आवास की तरफ गए। जहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया है कि उसने शांति पूर्वक प्रदर्शन के दौरान पुलिस को आक्रामक रवैया अपनाने का आदेश दिया। इसके अलावा जम्मू में आरएसएस के पूर्व प्रमुख सुदर्शन के बयान के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीदी चौक स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए सुदर्शन से माफी मांगने की मांग की। पार्टी कार्यकताओं ने कांग्रेसी झंडा लेकर संघ और सुदर्शन के खिलाफ नारे लगाए। पिछले कई सालों बाद ऎसा पहली बार हुआ है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संघ के खिलाफ नारे लगाए हैं। पणजी में कांग्रेस के एक सांसद ने आरोप लगाया है कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने आदर्श सोसायटी घोटाले में खुद को फंसता देख सोनिया गांधी पर निशाना साधने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक को प्रतिनिधि के रूप में इस्तेमाल किया। दरअसल, सुदर्शन ने गुरूवार को भोपाल में सोनिया के खिलाफ कथित तौर आपत्तिजनत टिप्पणी की थी।
भाजपा और संघ दोनों ने उनके बयान से खुद को अलग कर लिया है। इस बारे में गोवा से राज्यसभा सदस्य शांता राम नाइक ने एक बयान में कहा कि सुदर्शन के बयान और आदर्श सोसायटी मामले में गडकरी के घिरने के बीच के तार जु़डे मालूम प़डते हैं। पटना में कांगे्रस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरएसएस के पूर्व सर संघचालक के$ एस$ सुदर्शन का पुतला फूंका और जमकर हंगामा किया। सुदर्शन के बयान से नाराज दर्जनों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता दोपहर में पटना के अति व्यस्त डाकबंगला चौराहे पर इकटा हुए। कार्यकर्ताओं ने सुदर्शन के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। बाद में इनमें से कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के अनुसार राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है, इस कारण आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में इन कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध के मद्देनजर, आरएसएस कार्यालय की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। उल्लेखनीय है कि सुदर्शन ने बुधवार को भोपाल में सोनिया गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे कांग्रेसी कार्यकर्ता नाराज हैं।
भारत समाचार
सुदर्शन के बयान पर कई राज्यों में प्रदर्शन, लाठीचार्ज





















