जम्मू। जम्मू एवं कश्मीर में कांग्रेस अपने सहयोगी दल नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) से खफा है। वजह है नेकां द्वारा अहम फैसलों में कांग्रेस नेताओं से चर्चा न करना। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज ने पार्टी नेताओं को सलाह दी है कि नेकां की ओर से कांग्रेस नेताओं को विश्वास में लिए बगैर यदि कोई फैसला लिया जाता है तो वे उसका विरोध करें।
सोज ने यहां पार्टी नेताओं से कहा, ""यह जरूरी है कि किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर फैसला लेने से पहले नेकां नेतृत्व हमसे बात करे और हमें विश्वास में ले। यही गठबंधन धर्म का तकाजा भी है।"" उन्होंने कहा, ""सरकार के भीतर और बाहर कांग्रेस की अपनी भूमिका है और पार्टी का हित सर्वोपरि है।"" सोज ने तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना के सम्बंध में लिए गए राज्य सरकार के फैसले के बारे में कांग्रेस से चर्चा न किए जाने पर आपत्ति जताई थी। इनमें से एक कश्मीर घाटी में वैश्विक स्तर का इस्लामिक विश्वविद्यालय स्थापित करना है। सोज ने अपने विधायकों से कहा है कि विश्वविद्यालयों की स्थापना से सम्बंधित विधेयक जब विधानसभा में आएगा तो वे इसके मौजूदा स्वरूप का विरोध करें।





















