श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर में पिछले लगभग एक महीने में ऎसा पहली बार हुआ है जब अलगाववादियों के बंद के ऎलान के बावजूद प्रशासन ने गुरूवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर मेे कफ्र्यू नहीं लगाया। सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही न होने की वजह से बाजार सूने रहे और जनजीवन भी बाधित हुआ।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ""श्रीनगर में गुरूवार को कफ्र्यू या प्रतिबंध नहीं लगाये जाएंगे। शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।"" उधर, हुर्रियत के कट्टरपंथी ध़डे के नेता सैयद अली गिलानी ने गुरूवार को घाटी में बंद का आह्वान किया है। बंद के कारण शहर में बसों की आवाजाही न होने से दुकानें, औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कामकाज प्रभावित हुआ तथा बैंक, शौक्षणिक संस्थानों और डाकघरों में उपस्थिति कम देखी गई।
राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को विधानसभा में कहा था कि अलगाववादियों द्वारा बंद और विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला रोके जाने के बाद ही घाटी में जनजीवन पटरी पर लौट सकेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने घाटी में जारी तनावपूर्ण महौल के लिए अलगाववादियों को जिम्मेदार ठहराया। गत् 11 जून से ही घाटी में जारी हिंसा में अब तक 109 लोगों की मौत हो चुकी है।
भारत समाचार
बंद के बावजूद श्रीनगर में कफ्र्यू नहीं





















