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भारत समाचार

दिल्ली में खुलेगा पहला हेलीपोर्ट

नई दिल्ली। पवन हंस हेलीकॉप्टर लिमिटेड (पीएचएचएल) द्वारा रोहिणी में बनाये गये दिल्ली के पहले विशाल हेलीपोर्ट और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए खेलगांव में बनाये जा रहे हेलीपैड का संचालन सितंबर के मध्य में शुरू हो जाएगा। पीएचएचएल ने कहा है कि खेलों के बाद इस हेलीपोर्ट का उपयोग दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए किया जाएगा। इसके जरिए इस क्षेत्र में परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा देते हुए आय अर्जित की जाएगी।
पीएचएचएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर. के. त्यागी ने आईएएनएस से कहा, ""खेलों के लिए खेल गांव में स्थित हेलीपैड का निर्माण करीब-करीब पूरा हो चुका है और उसमें कुछ ही काम बचा है। साथ ही रोहिणी में दिल्ली का पहला हेलीपोर्ट 15 सितंबर तक काम करना शुरू कर देगा।"" दिल्ली सरकार और उड्डयन मंत्रालय ने वर्ष 2009 में दिल्ली में हेलीपैड और हेलीपोर्ट बनाने का फैसला किया था। त्यागी ने कहा, ""हेलीपैड और हेलीपोर्ट सितंबर में काम करना शुरू कर देंगे। हम खेलों में इनका उपयोग करेंगे। हेलीकॉप्टर रोहिणी में ख़डे किए जाएंगे और फिर जरूरत के हिसाब से उन्हें लोगों को आयोजन स्थलों तक ले जाने और लाने के लिए उपयोग में लाया जाएगा।""
पीएचएचएल ने रोहिणी में हेलीपोर्ट के लिए 25 एक़ड जमीन हासिल करने के लिए 19.5 करो़ड रूपये खर्च किए हैं। साथ ही उसने हेलीपोर्ट के निर्माण में 45 करो़ड रूपये खर्च किए हैं। कंपनी का मानना है कि रोहिणी में हेलीकॉप्टर के संचालन के साथ-साथ उनके रखरखाव तथा प्रशिक्षण का भी काम किया जाएगा। इसे पायलटों और तकनीकी स्टॉफ के लिए प्रशिक्षण अकादमी के रूप में भी उपयोग में लाया जाएगा।
त्यागी के मुताबिक खेल गांव में बनाया गया हेलीपैड सिर्फ खिलाç़डयों, विशिष्ठ व्यक्तियों और अधिकारियों को आयोजन स्थलों तक ले जाने के लिए उपयोग में लाया जाएगा। इसकी सेवा 15 आयोजन स्थलों तक उपलब्ध होगी।

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