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अर्थव्यवस्था की विकास दर 8.25 से 8.75 फीसदी रहेगी : मुखर्जी

नई दिल्ली। वर्ष 2008 से कई मौकों पर दिए गए प्रोत्साहन पैकेजों के कारण देश की अर्थव्यवस्था में अब मंदी से उबरने के स्पष्ट संकेत दिखने लगे हैं और इस कारोबारी साल में अर्थव्यवस्था 8.25 से 8.75 फीसदी की दर से विकास करेगी।
यह बात केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कही।
मुखर्जी ने सलाना आर्थिक सम्पादक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कहा कि उद्योग, सेवा और कृषि सभी क्षेत्रों में मंदी से उबरने के संकेत देखे जा रहे हैं। इस सम्मेलन में देश भर से लगभग 300 पत्रकार हिस्सा ले रहे हैं। मुखर्जी ने कहा कि अब वे प्रोत्साहन पैकेजों की धीरे-धीरे वापसी की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही में निर्माण क्षेत्र में 12.4 फीसदी की तेजी के बल पर देश की विकास दर 8.8 फीसदी थी। जबकि पिछले साल इसी अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर केवल छह फीसदी थी। मुखर्जी ने कहा कि निवेश और खपत में हो रही बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था के लिए एक शुभ संकेत है। उधर पिछले साल नवम्बर से निर्यात क्षेत्र में भी तेजी देखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस कारोबारी साल में राजकोषीय घाटा को 5.5 फीसदी में सीमित रखने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। इस दो दिवसीय सम्मेलन को दो वित्त राज्य मंत्री एस. एस. पलानिमणिकम और नमोनारायण मीणा सहित वित्त सचिव अशोक चावला ने भी संबोधित किया।  

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