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भारत समाचार

पूर्व विधि मंत्री ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के आधे चीफ जज भ्रष्ट थे

नई दिल्ली। पूर्व विधि मंत्री और जाने-माने अधिवक्ता शांतिभूषण ने गुरूवार को कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत के अब तक के 16 प्रधान न्यायाधीशों में कम से कम आठ निश्चित रूप से भ्रष्ट थे।
वरिष्ठ अधिवक्ता शांतिभूषण ने गुरूवार को हलफनामा पेश कर कहा कि उनमें से छह पक्के तौर पर ईमानदार, मगर बाकी दो के बारे में वह कोई राय व्यक्त नहीं करेंगे।
शांतिभूषण ने अपने पुत्र के खिलाफ चल रही कोर्ट की अवमानना मामले में वकालत की इजाजत मांगी है। शांतिभूषण ने अपने हलफनामे में जिन सोलह प्रधान न्यायाधीशों के नाम दिए हैं, उनमें जस्टिस रंगनाथ मिश्रा, जस्टिस केएन सिंह, जस्टिस एमएच कायना, जस्टिस एलएम शर्मा, जस्टिस एमएन वेंकटाचलैया, जस्टिस एएम अहमदी, जस्टिस जेएस वर्मा, जस्टिस एमएम पंछी, जस्टिस एएस आनंद, जस्टिस एसपी भरूचा, जस्टिस बीएन कृपाल, जस्टिस जीबी पाठक, जस्टिस राजेंद्र बाबू, जस्टिस आरसी लाहोटी, जस्टिस वीएम खरे और जस्टिस वाईके सब्बरवाल हैं। सूत्रों के मुुताबिक शांतिभूषण ने सर्वोच्चा अदालत को एक बंद लिफाफे में आठ भ्रष्ट प्रधान न्यायाधीशों के नाम भी दिए हैं। उन्होंने अपने हलफनामे में कहा कि दो पूर्व मुख्य न्यायाधीशों ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से बताया था कि उनसे पूर्व के दोनों और बाद के दोनों मुख्य न्यायाधीश भ्रष्ट थे। उन चारों मुख्य न्यायाधीशों के नाम आठ भ्रष्ट प्रधानन न्यायाधीशों की सूची में शामिल किए गए हैं। यदि सुप्रीम कोर्ट द्वारा शांतिभूषण की प्रार्थना मंजूर कर ली जाती है, तो घपलों का पिटारा खुल जाएगा और भारतीय न्यायपालिका में सफाई की मांग फिर से उठ ख़डी होगी। गौरतलब है कि 82 वर्षीय अधिवक्ता और उनके वकील पुत्र प्रशांतभूषण न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रामक अभियान के लिए जाने जाते हैं। प्रशांतभूषण पर उनके एक लेख की वजह से सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की कार्रवाई चल रही है। प्रशांत ने इस लेख में भारतीय न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और मौजूदा मुख्य न्यायाधीश एसएच कपाडियां और उनके पूववर्ती जस्टिस केजी बालाकृष्ण पर व्यक्तिगत रूप से कथित तौर पर आक्षेप किए गए थे। इस पर गत 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश कपाç़डया और उनके पूर्ववर्ती जस्टिस केजी बालाकृष्णन पर व्यक्तिगत आक्षेप करने पर अवमानना की कार्रवाई करने का आदेश दिया था। तीन न्यायाधीशों अल्तमस कबीर, सिरियाक जोसेफ और एचएल दत्तू की पीठ ने भूषण से कहा है कि 12 सप्ताह में अपना हलफनामा पेश करें और 10 नवंबर को होने वाली अंतिम बहस के समय तथ्य रखें।

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