नई दिल्ली। सरकारी क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों द्वारा बेची जा रही प्राकृतिक गैस की कीमतें बढाए जाने से आम आदमी के बिजली खर्च में प्रति यूनिट एक रूपए तक की वृद्धि हो सकती है।
गौरतलब है कि रिलायंस गैस विवाद पर उच्चातम न्यायालय के निणर्य के कुछ ही दिन बाद बुधवार को सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा आपूर्ति की जा रही प्राकृतिक गैस की कीमत दोगुनी कर 4.20 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू करने का फैसला किया। यह कीमत रिलायंस इंडस्ट्रीज की केजी बेसिन क्षेत्र की गैस की दर के बराबर है।
केन्द्रीय बिजली मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने गुरूवार को कहा कि प्राकृतिक गैस की कीमतों में वृद्धि से बिजली एक रूपए प्रति यूनिट तक बढ सकती है। उद्योग मंडल फिक्की के एक समारोह में शिंदे ने कहा कि बिजली शुल्क में बढोतरी होगी। हमने इस बारे में विस्तार से चर्चा नहीं की है लेकिन यह बढोतरी संभवत: एक रूपए प्रति यूनिट हो सकती है।
भारत समाचार
गैस की कीमतें बढाने से बिजली महंगी होगी





















