नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरूवार को कहा कि सरकार नैतिकता दिखाने के बदले अपने दोषों को छुपाने के लिए अनैतिक रास्ते अख्तियार कर रही है। इसके साथ ही भाजपा ने कहा कि वह 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले को लेकर दूरसंचार मंत्री ए.राजा को हटाए जाने के लिए दबाव बनाती रहेगी।
यह सरकार पर निर्भर है कि वह संसद में गतिरोध दूर करने का रास्ता निकाले। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली ने कहा, ""सरकार ने मामले को रफा-दफा करने के लिए पूरी अधोसंरचना ख़्ाडी कर रखी है। इस संरचना का एक हिस्सा सीवीसी (केंद्रीय सतर्कता आयोग) है और एक हिस्सा सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो)। सरकार को ईमानदारी या जवाबदेही की कोई चिंता नहीं है।"" जेटली ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन पर राजा के निर्णय से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है और लाइसेंस पाने वाली कुछ कम्पनियों को भारी लाभ हुआ है। जेटली ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इससे राजा के खिलाफ आरोपों की पुष्टि हुई है। माना जा रहा है कि बुधवार को सरकार को सौंपी गई सीएजी की रिपोर्ट में संकेत है कि राजा के निर्णय से सरकार को 1.76 लाख करो़ड रूपये का नुकसान हुआ है। माना यह भी जा रहा है कि रिपोर्ट में राजा को आरोपित किया गया है। जेटली ने कहा कि उन्हें सरकार से यह उम्मीद नहीं थी कि वह नैतिकता दिखाने के बदले खुद को गलत तरीके से बचाने को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा, ""उसने अपनी जवाबदेही दिखाने के बदले खुद को बचाने को प्राथमिकता दिया है।"" उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पर दबाव बनाने के लिए संसद और स़डक, दोनों मंचों का इस्तेमाल करेगी। मंगलवार से शुरू हुए शीतकालीन सत्र के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने कहा कि यह सत्र ऎतिहासिक होगा। उन्होंने कहा, ""यह सत्र सरकार को बेनकाब कर देगा।""





















