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भारत समाचार

हरियाणा ने किया सम्मान, खिल़ाडी घर ले गए नकद और कार

राए । हरियाणा सरकार ने राष्ट्रमंडल खेल-2010 में पदक जीतने वाले अपने खिलाç़डयों को सोमवार को सोनीपत में आयोजित "चक दे हरियाणा-दक दे भारत" समारोह के दौरान सम्मानित किया। मोती लाल नेहरू स्पोट्र्स स्कूल में आयोजित इस सम्मान समारोह में हरियाणा से सम्बंधित खिल़ाडी अपने साथ 5.34 करो़ड रूपये का पुरस्कार और अलग-अलग वर्ग के लिए तय कारें लेकर घर गए। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 24 अक्टूबर को इस समारोह की घोषणा की थी।
हुड्डा के मुताबिक इस राज्य-स्तरीय समारोह का नाम शाहरूख खान की मशहूर फिल्म "चक दे इंडिया" से प्रेरित है। हरियाणा के खिलाç़डयों ने देश का नाम रोशन करते हुए 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में समाप्त हुए 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 31 पदक जीते। भारतीय खिलाç़डयों को कुल 101 पदक प्राप्त हुए। पदक तालिका में भारत आस्टे्रलिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। पदक जीतने वाले हरियाणा के खिलाç़डयों को मारूति उद्योग (एमयूएल) की ओर से मारूति सुजुकी कारें भेंट की गईं। मारूति की फैक्टरी हरियाणा के औद्योगिक शहर गु़डगांव में है। स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रत्येक खिल़ाडी को मारूति एसएक्स-4 कार दी गई, जिसकी कीमत आठ लाख रूपये है। इसी तरह रजत पदक जीतने वाले खिल़ाडी को मारूति डिजायर (कीमत छह लाख रूपये) भेंट की गई। कांस्य पदक पाने वालों को वेगन-आर कार मिली, जिसकी कीमत साढ़े तीन लाख रूपये है। हरियाणा सरकार ने देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले हरियाणा से जु़डे खिलाç़डयों को भी सम्मानित किया। इनमें निशानेबाज गगन नारंग, बैडमिंटन खिल़ाडी सायना नेहवाल, डिस्क्स थ्रोअर कृष्णा पूनिया और पहलवान सुशील कुमार शामिल हैं। इन चारों खिलाç़डयों ने राष्ट्रमंडल खेलोे में स्वर्ण हासिल किए। गगन ने सबसे अधिक चार पदक जीते। उन्हें सर्वाधिक 37.5 लाख रूपये मिले। इसके अलावा हरियाणा सरकार की ओर से खिलाç़डयों को नोकिकया मोबाइल फोन और 31 से 101 किलोग्राम तक वजन के घी के कनस्तर भेंट किए गए।
एक नवम्बर को "हरियाणा दिवस" के रूप में मनाया जाता है। इसी अवसर पर हरियाणा सरकार ने इन खिलाç़डयों को सम्मानित करने का फैसला किया है। 1 नवम्बर, 1966 को ही हरियणा पंजाब से अलग होकर अलग राज्य बना था।

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