मुंबई। मुंबई और उसके आस-पास के शहरों में इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से जु़डे लोकप्रिय खेल दही हांडी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कई स्थानों पर तो इसके लिए 25 लाख रूपये तक का पुरस्कार रखा गया है जबकि पिछले साल स्वाइन फ्लू फैलने के कारण इस त्योहार का जश्न फीका रहा था। इस अवसर पर बच्चाों के लिए भी विशेष आयोजन होते हैं।
दही हांडी के आयोजकों में कई राजनेता भी शामिल हैं जो ऊंचाई पर टंगी दही हांडी तक पहुंचने वाले गोविंदाओं पर एक-दूसरे से हो़ड करते हुए करो़डों रूपये की राशि लगाते हैं। ठाणे में दही हांडी के तीन आयोजकों ने गोविंदाओं के लिए 25 लाख रूपये के पुरस्कार की घोषणा की है। शिवसेना विधायक प्रताप सारनिक के संस्कृति युवा प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित विहंग दही कला उत्सव में 20 स्तरों में एक शंकुनुमा आकृति बनाकर दही हांडी तक पहुंचने वाले गोविंदाओं के लिए बहुत अधिक राशि के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। सारनिक कहते हैं, ""जो लोग दही हांडी तक पहुंचने के लिए 20 स्तरों वाला शंकु बनाएंगे उनके लिए 25 लाख रूपये, नौ स्तरों वाले शंकु के लिए 11 लाख रूपये और आठ स्तरों वाला शंकु बनाने वालों को 500 ग्राम चांदी से बनी स्मारिका और एक ट्रॉफी दी जाएगी।"" उन्होंने बताया कि अन्य समूहों के लिए भी ऎसे ही पुरस्कार रखे गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के जितेंद्र अवध और कांग्रेस नेता रवि पाठक ने भी ऎसी ही घोषणाएं की हैं। अवध ने 10 स्तरीय शंकु बनाने वालों के लिए 25 लाख रूपये और नौ स्तरीय शंकु बनाने वालों के लिए नौ लाख रूपये के पुरस्कार की घोषणा की है। जन्माष्टमी गुरूवार को है। सामान्यतौर पर जन्माष्टमी के दूसरे दिन दही हांडी उत्सव मनाया जाता है। इस विशेष आयोजन में दूध, दही, सूखे मेवे और घी से भरी एक मटकी को 20 से 30 फुट की ऊंचाई पर लटकाया जाता है और गोविंदाओं को इस तक पहुंचकर इसे हासिल करना होता है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के एक विधायक राम कदम ने दही हांडी तक पहुंचने के लिए नौ स्तरीय पिरामिड बनाने वाले गोविंदाओं के समूह के लिए 31 लाख रूपये के पुरस्कार की घोषणा की है जबकि कांग्रेस सांसद संजय निरूपम ने गोविदाओं के लिए 11 लाख रूपये के पुरस्कार की घोषणा की है।





















