मोहाली। पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच के पांचवे दिन मंगलवार को भारतीय टीम के कलात्मक बल्लेबाज वी.वी.एस. लक्ष्मण ने अपने यादगार और साहसिक खेल की बदौलत हार के कगार पर पहुंच गई टीम इंडिया को जीत दिला दी।
उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों को इसका अहसास भी नहीं होने दिया कि वह पीठ की दर्द से जूझ रहे हैं। भारत को जीत के लिए 216 रनों का लक्ष्य मिला था। भारतीय टीम ने नौ विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल किया। पूरी पारी के दौरान संकट में दिख रही भारतीय टीम के लिए लक्ष्मण खेवनहार बने। लक्ष्मण ने 79 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से नाबाद 73 रन बनाए।
मैच की दोनों पारियों में कुल आठ विकेट झटकने वाले तेज गेंदबाज जहीर खान को "मैन ऑफ द मैच" घोषित किया गया। दरअसल, लक्ष्मण की यह पारी उनके जज्बे के लिहाज से भी यादगार रही। पीठ में दर्द से परेशान लक्ष्मण ने इसकी परवाह न करते हुए पहले ईशांत शर्मा के साथ नौंवे विकेट के लिए 81 रनों की शानदार साझेदारी की और फिर प्रज्ञान ओझा के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए टीम इंडिया को मंजिल तक पहुंचा दिया। इस जीत में ईशांत की भी अहम भूमिका रही जिन्होंने 31 बेशकीमती रन बनाए। अतीत में कई यादगार पारियां खेल चुके लक्ष्मण ने यहां जिस संयम और सूझबूझ का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है। उनके साथ सुरेश रैना शुरू से ही बतौर रनर मैदान पर रहे क्योंकि लक्ष्मण पीठ की दर्द की वजह से दौ़ड नहीं सकते थे। ख्ौर, इस दर्द को उन्हें जीत की राह में रो़डा नहीं बनने दिया। उनकी इस पारी से क्रिकेट प्रेमियों को साल 2001 में ईडन गार्डन में खेली गई 281 रनों की पारी एक बार फिर याद आ गई। वैसे मेहमान कप्तान रिकी पोंटिंग को भी वह पारी और लक्ष्मण की कई पारियां याद आई होंगी क्योंकि आस्ट्रेलिया के खिलाफ ही इस हैदराबादी बल्लेबाज ने हमेशा यादगार पारियां खेली हैं। मैच के बाद टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने भी माना कि यह मैच लक्ष्मण की वजह से भारत के पक्ष में आया। उन्होंने कहा, ""लक्ष्मण एक अjुत बल्लेबाज हैं। उनके सामने आप जिस भी तरह का क्षेत्ररक्षण लगा दीजिए, उन्हें रोका नहीं जा सकता। उनकी वजह से हम मैच में वापस आए। यह पारी मेरे लिए भी विशेष थी।"" खेल के चौथे दिन चार प्रमुख विकेट गवां चुकी भारतीय टीम के लिए जीत आसान कतई नहीं थी।
इसका आभास भी पांचवें दिन के पहले सत्र में ही हो गया जब नाइटवाचमैन की भूमिका में उतरे जहीर खान नाथन हॉरिट्ज की गेंद पर स्लिम में माइकल क्लार्क को कैच थमा बैठे। जहीर ने 10 रन बनाए और सचिन के साथ पांचवे विकेट के लिए 27 रनों की साझेदारी की। जहीर के जाने के बाद सचिन के विकेट के रूप में आस्ट्रेलियाई टीम को ब़डी कामयाबी मिली। पहली पारी में शानदार 98 रनों की पारी खेलने वाले सचिन दूसरी पारी में 38 के निजी स्कोर पर डॉग बोलिंगर का शिकार बन गए। उनके आउट होने के कुछ देर बाद ही कप्तान धौनी दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रनआउट हो गए। धौनी महज दो रन ही जो़ड सके। भारतीय टीम को आठवां झटका हरभजन सिंह के रूप में लगा। हरभजन बोलिंगर की गेंद पर स्लिप में लपके गए। चौथे दिन ही भारतीय टीम को वीरेंदर सहवाग, गौतम गंभीर, राहुल द्रवि़ड और सुरेश रैना के रूप में चार अहम झटके लग गए थे। भारतीय गेंदबाजों ने चौथे दिन आस्ट्रेलियाई की दूसरी पारी 192 रनों पर समेट दी थी। पहली पारी में पांच विकेट झटकने वाले जहीर ने दूसरी पारी में भी चमके। जहीर को मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने 43 रन देकर तीन विकेट चटकाए। उनके अलावा ईशांत ने भी 34 रन देकर तीन विकेट झटके। हरभजन सिंह को दो और प्रज्ञान ओझा को एक विकेट मिला। आस्ट्रेलिया की पहली पारी के 428 रनों के जवाब में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 405 रन बनाए थे।
भारत समाचार
मोहाली टेस्ट : लक्ष्मण की जुझारू पारी ने दिलाई जीत





















