नई दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा के विश्वास मत जीतने पर संतोष जाहिर करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) राज्य सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे थे। येदियुरप्पा को विश्वास मत जीतने पर बधाई देने के बाद गडकरी ने संवाददाताओं से कहा, ""कांग्रेस और जेडी (एस) ने भाजपा सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें की।"" येदियुरप्पा से बगावत करने वाले विधायकों के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर गडकरी ने कहा कि उन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया। गडकरी ने कहा, ""वे बिक गए थे। उन्होंने पार्टी के साथ धोखा किया... उन्हें निकाल बाहर कर दिया गया।"" ज्ञात हो कि देश के दक्षिणी हिस्से में भाजपा की पहली सरकार ने ध्वनि मत से विश्वास मत जीत कर विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया। इस बात की घोषणा विधानसभा अध्यक्ष के.जी.बोपैया ने विधानसभा में भारी हंगामे के बीच की। कांग्रेस और जेडी (एस) ने हालांकि काफी होहल्ला मचाया और कहा कि विश्वास मत उचित तरीके से नहीं संचालित हुआ। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 16 विद्रोही विधायकों (11 भाजपा व पांच निर्दलीय) को पहले ही अयोग्य करार कर दिए जाने के बाद विधानसभा की प्रभावी सदस्य संख्या 225 से घट कर 208 हो गई और सदन में बहुमत साबित करने के लिए आवश्यक सदस्यों की संख्या 105 पर आ गई। 11 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद सत्ताधारी पार्टी के विधायकों की संख्या भी घट कर विधानसभा अध्यक्ष सहित 106 हो गई। जबकि कांग्रेस के पास 73 और जेडी (एस) के पास 28 विधायक हैं। बाकी छह विधायक निर्दलीय हैं।
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कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने की कोशिश : गडकरी





















