नई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर के लिए केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकारों के दल ने मंगलवार को अपनी पहली रिपोर्ट सौंप दी। दल ने हिंसाग्रस्त राज्य से लौटने के कुछ दिन बाद यह रिपोर्ट सौंपी है।
वहां जून से हो रहे हिंसक प्रदर्शनों में कई लोग मारे गए थे। वार्ताकारों दिलीप पडगांवकर, राधा कुमार और एम.एम. अंसारी ने केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम से उनके कार्यालय में मुलाकात की और उन्हें अपनी प्रारम्भिक सिफारिशें दीं। पडगांवकर ने गृह मंत्रालय के बाहर संवाददाताओं को बताया, ""हमने कुछ सिफारिशें और सुझाव दिए हैं.. अब हम जम्मू एवं कश्मीर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। हम जल्दी से जल्दी 10 दिन के अंदर वहां पहुंचेंगे और राज्य के जिला मुख्यालयों की यात्रा करेंगे।"" राज्य में 11 जून से पत्थरबाजी की घटनाएं होने व हिंसक प्रदर्शनों के चलते हुई परेशानियों को देखते हुए इस समस्या का राजनीतिक समाधान निकालने के लिए चिदम्बरम ने तीनों वार्ताकारों को नियुक्त किया था। हिंसक प्रदर्शनों में करीब 110 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। वार्ताकारों के पास जम्मू एवं कश्मीर में सभी राजनीतिक दलों से बातचीत और परेशानी का हल सुझाने के लिए पूरे एक साल का समय है। तीनों ने पिछले महीने के अंतिम दिनों में जम्मू एवं कश्मीर की छह दिवसीय यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने घाटी में अलगाववादियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित कुछ राजनीतिक दलों के बहिष्कार के बीच कई नेताओं, छात्रों और परिवारों से मुलाकात की थी।





















