लंदन/नई दिल्ली/लाहौर। स्टिंग ऑपरेशन के जरिए मैच फिक्सिंग के "जिन्न" को फिर से दुनिया के सामने लाने वाले ब्रिटेन के समाचार पत्र "न्यूज ऑफ द वल्र्ड" ने रविवार को एक अन्य स्टिंग ऑपरेशन के जरिए यह सनसनीखेज खुलासा किया है कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के लगभग सभी मैच फिक्स हुआ करते हैं और पाकिस्तानी टीम के कई खिल़ाडी सटोरियों के हाथों पूरी तरह बिक चुके हैं।
इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि मैच फिक्सिंग के आरोपी खिलाडियों सलमान बट्ट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमेर को इस मामले में सजा नहीं दी गई है और उन्हें अपना पक्ष रखने का एक मौका दिया जाएगा। "न्यूज ऑफ द वल्र्ड" ने इस बार पाकिस्तानी टीम से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज यासिर हमीद को आधार बनाकर स्टिंग ऑपरेशन किया है। इस ऑपरेशन में हमीद ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान के लगभग सभी मैच फिक्स होते हैं। उन्होंने कहा कि कथित सटोरिया मजहर माजिद पाकिस्तानी खिलाडियों को हर नो बॉल के लिए 20 से 25 हजार पाउंड देता था। हमीद के मुताबिक आस्ट्रेलिया में इस वर्ष जनवरी में खेली गई टेस्ट तथा एकदिवसीय श्रृंखला के माध्यम से "बिके" खिलाडियों ने लाखों डॉलर की कमाई की है। अखबार ने दावा किया है कि पाकिस्तानी खिल़ाडी ज्यादातर मैचों में फिक्सिंग करते हैं। इसी अखबार ने पिछले दिनों अपने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए मैच फिक्सिंग का खुलासा किया था। अखबार ने इस बार भी एक वीडियो जारी किया है जिसमें हमीद पाकिस्तानी क्रिकेट के काले चेहरे को बयां करते दिख रहे हैं। इसमें हमीद ने कहा, ""वे (आरोपी खिल़ाडी) एक बार पक़डे गए हैं। परंतु वे लोग लगभग हर मैच में फिक्सिंग करते थे। खुदा जानता है कि वे आगे क्या करने वाले थे। मुझे बहुत गुस्सा आता है क्योंकि मैं अपना बेहतरीन खेल दिखा रहा हूं जबकि वे जानबूझकर हार रहे हैं।"" बकौल हमीद, ""माजिद पाकिस्तानी खिलाडियों को मनमाफिक भुगतान करता था। मेरा मानना है कि उन्हें (पाकिस्तानी खिलाडियों) हर नो बॉल के लिए 20 से 25 हजार पाउंड मिलते थे। खुदा जाने कि इन लोगों के और किस तरह के सौदे होते थे। मुझे भी 150,000 पाउंड का प्रस्ताव दिया गया था। परंतु मैं मैच फिक्सिंग में शामिल नहीं हुआ। इसी वजह से मुझे दो साल तक टीम से बाहर रहना प़डा।
अब खुदा ने उन लोगों को सजा दी है।"" पाकिस्तान की ओर से अब तक 25 टेस्ट और 56 एकदिवसीय मैच खेल चुके हमीद ने खुलासा किया कि इसी साल आस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट भी पूरी तरह से फिक्स था।
उन्होंने कहा, ""सिडनी टेस्ट में इन लोगों ने 18 लाख पाउंड बनाए और मैच गंवा दिया। मैंने नहीं जानता कि उन्होंने पैसे का बंटवारा कैसे किया।"" दिलचस्प बात यह है कि अखबार के साथ बातचीत में हमीद ने अपने आरोपी कप्तान सलमान बट्ट के प्रति सहानुभूति दिखाई। उन्होंने कहा, ""सलमान एक अच्छा ल़डका है। मुझे नहीं समझ आ रहा कि उसने पैसे के लिए यह कदम क्यों उठाया।"" उल्लेखनीय है कि "न्यूज ऑफ द वल्र्ड" द्वारा ही किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में कथित सटोरिए मजहर माजिद ने इस समाचार पत्र से 150,000 पाउंड लिए और पहचान छुपाकर उससे मिलने वाले पत्र के संवाददाता से वादा किया कि पाकिस्तानी तेज गेंदबाज निर्धारित समय पर लाड्र्स टेस्ट में नो-बॉल फेंकेंगे। बाद में ऎसा ही हुआ। हमीद ने आरोपों को नकारा :- इस पूरे खुलासे के सामने आने के बाद हमीद ने "न्यूज ऑफ द वल्र्ड" की इस रिपोर्ट को गलत करार दिया है। समाचार चैनल "जियो टीवी" से बातचीत में हमीद ने कहा, ""मैंने "न्यूज ऑफ द वल्र्ड" या किसी दूसरे अखबार को कोई साक्षात्कार नहीं दिया है। मैं अपने साथियों पर मैच फिक्सिंग का इल्जाम लगाने के बारे में सोच भी नहीं सकता। मैंने टीम प्रबंधन को बताया है कि अखबार मेरा साक्षात्कार लेने का दावा कर रहा है, उसमें कोई सच्चाई नहीं है। मैंने किसी को कोई साक्षात्कार नहीं दिया है।"" पवार ने कहा खिलाडियों को मिलेगा एक मौका:- शरद पवार ने नई दिल्ली में समाचार चैनल "टाइम्स नाउ" से बातचीत में कहा, ""हमने अब तक किसी को सजा नहीं दी है। आईसीसी की अपराधनिरोधक नियमों के तहत संदिग्ध खिलाç़डयों को सूचित किया गया है और जांच आवश्यक है।"" ""संदिग्ध खिल़ाडी को हमें नोटिस भेजना होता है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह हमारा अंतिम फैसला है। इसका मतलब है कि उस खिल़ाडी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है।"" उन्होंने कहा, ""यह कार्रवाई नहीं है। महज एक नोटिस है। यदि कोई दोषी नहीं है तो उसे अपना पक्ष रखने का निश्चित तौर पर मौका मिलना चाहिए।"" पवार ने कहा कि आईसीसी एक स्वतंत्र कमिश्Aर नियुक्त कर पूरे मामले की जांच करवाएगी और उसके सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई करेगी। पाक मीडिया ने शमसुल को अ़ाडे हाथों लिया:- पाकिस्तान के समाचार पत्र "द डॉन" ने लिखा है कि मैच फिक्सिंग के घेरे में आए पाकिस्तानी खिल़ाडी आरोपों के घेरे में बुरी तरह फंसते दिख रहे हैं और अब उनका बच पाना लगभग नामुमकिन है। साथ ही पत्र ने लंदन में पाकिस्तानी उच्चायुक्त द्वारा दागी खिलाç़डयों-सलमान बट्ट, मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ को "क्लीन चिट" देने की घटना को खेदजनक करार दिया। पत्र ने अपने संपादकीय में लिखा है कि ऎसे में जबकि पूरी अवाम यह मान चुकी है कि खिलाç़डयों ने देश के साथ धोखा किया है, उच्चाायुक्त यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि पाकिस्तानी खिलाç़डयों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साजिश रची गई है। पत्र मानता है कि जांच अपनी जगह है लेकिन पाकिस्तानी खिल़ाडी आरोपों के घेरे में आकर ही बदनाम हो चुके हैं क्योंकि यह देश की प्रतिष्ठा से जु़डा मामला है और देशवासी इसे बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। अकमल भी शक के दायरे में :- विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल को स्कॉटलैंड यार्ड ने भले ही अपनी जांच के घेरे में नहीं लिया हो लेकिन वह आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधी इकाई की निगाह में हैं। बीबीसी ने खबर दी है कि आईसीसी ने मैच फिक्सिंग से जु़डे एक मामले में अकमल के साथ लिखित संवाद स्थापित किया है। इस आधार पर हालांकि यह नहीं कहा जा सकता कि मीडिया की रिपोर्ट में जिस चौथे खिल़ाडी के आरोपों के घेरे में आने की बात कही जा रही है, वह अकमल ही हैं। अकमल को पाक-साफ मानते हुए टीम प्रबंधन ने उन्हें कार्डिफ में खेले जा रहे ट्वेंटी-20 मैच के लिए पाकिस्तानी टीम में शामिल किया लेकिन बाकी के तीनों दागी खिल़ाडी इस मैच से दूर रहे। बीसीबी ने लिखा है कि अकमल पर इस वर्ष की शुरूआत में आस्टे्रलिया में खेली गई टेस्ट श्रृंखला के दौरान जानबूझकर कैच टपकाने के एक कथित मामले में आईसीसी की शक की सूई गई है और इसी कारण उसने अकमल से पत्र के जरिए संपर्क स्थापित किया है।
भारत समाचार
मैच फिक्सिंग विवाद : सटोरियों के हाथों बिक गए हैं कई खिल़ाडी





















