नई दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को नौवें दौर में 34 तेल ब्लॉकों की नीलामी शुरू की है। इसमें से आठ तेल ब्लॉक गहरे पानी में स्थित हैं। इन तेल ब्लॉकों में निवेश के लिए कर छूट नहीं दी गई है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देव़डा ने नीलामी प्रक्रिया की शुरूआत करते हुए कहा, ""संशोधित एपीएम (प्रशासित मूल्य तंत्र) गैस कीमत, पेट्रोल की बाजार आधारित कीमतों और बेहतर आर्थिक हालातों के बीच नेल्प 9 (न्यू एक्सप्लोरेशन लाइसेंसिंग पॉलिसी) की शुरूआत की गई है।"" गाद बेसिन वाले इलाकों में स्थित 15 ब्लॉक सहित कुल 34 ब्लॉक 88,807 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल के हैं। बोली लगाने की अंतिम तारीख 18 मार्च 2011 है। नेल्प के आठवें दौर में 14 अरब डॉलर में 235 ब्लॉक आवंटित किए गए थे। लेकिन नई प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) लागू होने पर निवेशकों को अब नए तेल ब्लाकों में निवेश पर कोई कर छूट नहीं मिलेगी। पेट्रोलियम सचिव एस.सुंदरेशन ने कहा, ""निवेशक नेल्प 9 में स्पष्टता चाहते हैं। स्थिति पूरी तरह से साफ है।"" नई प्रत्यक्ष कर संहिता लागू होने पर यह नियम भविष्य में यह नेल्प 9 सहित सभी उत्पादन साझेदारी समझौतों पर लागू हो जाएगा। इसके लागू होने से पहले सभी उत्पादन साझेदारी समझौते मौजूदा आयकर नियमों के अंतर्गत रहेंगे। मौजूदा आयकर नियमों के अनुरूप एक अप्रैल 1997 से पहले कच्चो तेल का उत्पादन शुरू करने वाली कम्पनियों को मुनाफे पर सात साल तक के लिए कर छूट दी गई है। इसके अलावा एक अक्टूबर 1980 के बाद और मार्च 2012 से पहले काम शुरू करने वाली रिफाइनरियों को भी कर राहत दी गई है। सुंदरेशन ने कहा कि कर राहत खत्म करने के कदम का इस क्षेत्र में निवेश पर कोई बुरा असर नहीं प़डेगा बल्कि कम्पनियों को इससे बोली के प्रस्ताव तय करने में मदद मिलेगी।





















