श्रीनगर। जम्मू कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को अखबार जब्त करने और पत्रकारों को प्रताडित किए जाने के मुद्दे उठे जिसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पत्रकारों से माफी मांगी।
नेशनल पैथर्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक एमवाई तारिगामी और निर्दलीय विधायक हकीम मोहम्मद यासीन ने प्रश्नकाल से पहले एक चर्चा के दौरान पत्रकारों को प्रताडित किए जाने का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस पर जवाब देते हुए कहा मैं पत्रकारों से माफी मांगता हूं। पुलिस ने शुक्रवार को श्रीनगर से प्रकाशित होने वाले अखबारों की प्रतियां जब्त कर लीं। कथित तौर पर हॉकरों को पक़ड लिया तथा विधानसभा परिसर जा रहे तीन पत्रकारों की पिटाई की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों के साथ कुछ अप्रिय घटनाएं हुई हैं लेकिन ये घाटी में मौजूदा स्थिति की वजह से हुई है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे संकट की इस घडी में साथ दे क्योंकि जानमाल का नुकसान रोकना पहली जिम्मेदारी है। अखबार जब्त किए जाने की घटना पर उन्होंने कहा कि कोठीबाग पुलिस थाने ने यह देखने के लिए दो वाहनों में लदे अखबारों की जब्त किया कि कहीं अयोध्या फैसले के चलते उनमें भ़डकाउ सामग्री तो नहीं छपी है।





















