बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक जातीय पंचायत के फैसले से आहत एक ल़डकी ने खुदकुशी कर ली।
पंचायत ने उसके साथ कुकर्म करने वाले व्यक्ति को महज पांच जूते मारने की सजा सुना मामले का पटाक्षेप कर दिया था। बाद में मामला बढ़ता देख पंचायत ने पुलिस पर रिपोर्ट न लिखने का दबाव बनाने और इसके लिए 75 हजार रूपए रिश्वत देने की पेशकश की, मगर तब तक मामला मीडिया तक पहुंच गया। मीडियाकर्मियों के हरकत में आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और पंचायत का खेल बिग़ड गया।
आरोप है कि गांव के संदीप नाम के एक ल़डके ने 23 अगस्त को वहीं की एक ल़डकी से कुकर्म किया। पीडिता की शिकायत पर परिवार वाले जब पुलिस के पास जाने लगे तो गांव के दबंगों ने पुलिस कार्रवाई के बजाय मामले को पंचायत में निपटाने की हिदायत दी। इसके बाद पंचायत ने आरोपी को महज पांच जूते मारने की सजा सुनाकर मामले को खत्म कर दिया। पंचायत के आदेश पर पीडिता कुकर्मी को पंचायत के बीच चार जूते मार घर चली गई, लेकिन इससे उसके जख्म कम नहीं हुए और फांसी पर झूल अपनी जान दे दी। पंचायत के इस तुगलकी फरमान से आहत पीç़डता ने बाद में खुदकुशी कर ली।
भारत समाचार
बलात्कारी को महज 5 जूते की सजा, आहत ल़डकी ने दी जान





















