मुंबई। रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) की दो ऊर्जा कंपनियों रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड और रिलायंस पावर के निदेशक मंडल ने रविवार को दोनों कंपनियों के विलय के लिए 11 अरब डॉलर के समझौते को मंजूरी दे दी। एडीएजी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ""आर पावर और आरएनआरएल के निदेशक मंडल ने आज (रविवार) दोनों कंपनियों के विलय के लिए 50,000 करो़ड रूपये (11 अरब डॉलर) के शेयर हिस्सेदारी समझौते को मंजूरी दे दी है।"" निदेशक मंडल ने रिलायंस पावर के एक शेयर पर आरएनआरएल के चार शेयरों के विनिमय का अनुपात तय किया है। यह अनुपात वैश्विक सलाहकार संस्था केपीएमजी द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर किया गया है। मौजूदा प्रस्ताव पर दोनों कंपनियों के हिस्सेदारों और स्टॉक एक्सचेंज और बंबई उच्चा न्यायालय से अनुमति ली जाएगी। समूह ने कहा कि इस सौदे से दोनों कंपनियों के हिस्सेदारों को फायदा होगा। कंपनी ने कुछ दिन पहले ही मुकेश अंबानी की स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज से गैस आपूर्ति समझौता किया है। इस विलय के बाद रिलायंस पावर के 8,000 मेगावॉट क्षमता वाले गैस आधारित विद्युत संयंत्रों के निर्माण में तेजी आएगी।
विलय के बाद दोनों कंपनियों की कारोबारी लागत में भी कमी आएगी। इस विलय के बाद आरएनआरएल की कुल संपत्ति 1,900 करो़ड रूपये को मिलाने पर रिलायंस पावर की कुल संपत्ति 16,000 करो़ड रूपये हो गई। दोनों कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय 10,394 करो़ड रूपये और 41,949 करो़ड रूपये था। एक बयान के मुताबिक रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेस लिमिटेड के 80 प्रतिशत शेयरधारकों की आर पावर में भी हिस्सेदारी है। इस समूह के पास भारत और विदेशों में कोयले के महत्वपूर्ण भंडार भी हैं। रिलायंस पावर की मध्य प्रदेश के सासन, झारखण्ड की तिलैया और आंध्र प्रदेश के कृष्णापट्टनम में अल्ट्रामेगा पावर प्लांट लगाने की योजना है। इस सौदे के पूर्ण होने पर यह 60 लाख शेयर धारकों के साथ दुनिया की सबसे ज्यादा शेयर धारकों वाली कंपनी बन जाएगी।
भारत समाचार
आरएनआरएल-आर पावर में 11 अरब डॉलर का विलय समझौता





















