इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। ये मौतें जिले के मऊआइमा कस्बे और आस-पास के मुस्तफाबाद, कजियानाकला व राजापुर गांवों में हुई हैं। मौतों का सिलसिला मंगलवार को शुरू हुआ था। बुधवार सुबह तक कुल सात लोगों के मरने की खबर आने के बाद उसी दिन रात में दो और लोगों की मौत हो गई। मऊआइमा थाना प्रभारी डी. पी. तिवारी ने गुरूवार को आईएएनएस को बताया कि इन दो मरने वालों में एक हरिओम नाम का व्यक्ति है, जो जहरीली शराब बेचने में नामजद आरोपी था। उन्होंने कहा कि हरिओम के बेटे व शराबकांड के मुख्य आरोपी माने जाने वाले नाटे नाम के व्यक्ति को छापेमारी करके गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में आशा नाम की महिला को भी पक़डा गया है। उसके घर से भी ब़डी मात्रा में कच्चाी शराब बरामद हुई है। इससे पहले इस मामले में गुलाब सिंह और तारा देवी नामक दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस के मुताबिक मऊआइमा कस्बे में नाटे अन्य लोगों के साथ मिलकर शराब की अवैध बिक्री करता था।
मौत के शिकार हुए लोगों ने उससे मंगलवार को शराब खरीदी थी। पुलिस ने नाटे के घर पर छापेमारी कर ब़डी मात्रा में कच्चाी शराब और उत्तराखण्ड में निर्मित देसी शराब के हजारों पाउच बरामद किए। इलाहाबाद के उप-पुलिस महानिरीक्षक बी.बी.शर्मा ने गुरूवार को आईएएनएस को बताया कि इलाके के कुछ और लोग भी गिरफ्तार आरोपियों के साथ जहरीली शराब के कारोबार में शामिल हो सकते हैं। विवेचना जारी है। उप-जिलाधिकारी (इलाहाबाद) एवं संयुक्त आबकारी आयुक्त घटना की जांच कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों एवं आबकारी निरीक्षक सहित तीन आबकारी कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है।
भारत समाचार
जहरीली शराब से मौत मामले में 2 और गिरफ्तार





















