गुवाहाटी। प्रतिबंधित संगठन युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) द्वारा बंधक बनाए गए असम के चाय के कारोबारी अजय सुब्बा मंगलवार सुबह सुरक्षित घर लौट आए। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि सुब्बा तीनसुकिया जिले में एक छोटे चाय बागान के मालिक हैं।
अपहर्ताओं ने उन्हें मंगलवार को उनके घर से कूछ दूरी पर छो़ड दिया। उन्हें पिछले सप्ताह अगवा कर लिया गया था। सुब्बा ने कहा, ""मुझे नहीं पता कि मेरा अपहरण क्यों किया गया था परंतु अपहर्ताओं ने मुझसे कहा कि गलतफहमी में ऎसा हो गया और उन्होंने मुझसे खेद भी जताया।"" पुलिस ने इससे पहले कहा था कि सुब्बा को बीते 14 सितम्बर को उस समय अगवा कर लिया गया जब वह अपने बागान में थे। अब पुलिस इस नजरिए से भी जांच कर रही है कि कहीं फिरौती देने के बाद सुब्बा की रिहाई तो नहीं हुई। सुब्बा ने कहा, ""मैं नहीं जानता कि अपहर्ता उल्फा के लोग थे या नहीं, लेकिन उनके पास हथियार थे। मेरे साथ उन लोगों ने अच्छा व्यवहार किया और मुझे सही ढंग से भोजन-पानी भी दिया।"" सुब्बा विवादों में रहे कांग्रेस के पूर्व सांसद मणि कुमार सुब्बा के भतीजे हैं। उन्होंने कहा, ""मैं अपनी रिहाई से बहुत खुश हूं और उन लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने बीते एक सप्ताह के दौरान मेरे परिवार का साथ दिया।""





















