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भारत समाचार

हमले रोकने के लिए ग्रामीणों ने हाथियों को जहर खिलाया

गुवाहाटी। भारत में एक तरफ हाथी संरक्षण की मुहिम चलाई जा रही, वहीं दूसरी तरफ असम में पिछले एक हफ्ते में ग्रामीणों ने चार हाथियों को जहर खिला कर मार डाला है। असम के वन मंत्री रोकीबुल हुसैन ने  बताया, ""मुख्य वन्यजीव अधिकारी की देखरेख में छानबीन चल रही है। अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।"" गुवाहाटी के पूर्वी हिस्से में स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के समीप डिफोलू चाय बगान में सात अक्टूबर को हाथी के दो बच्चो मृत पाए गए थे। उसके बाद 11 अक्टूबर को राष्ट्रीय उद्यान के बाहरी इलाके में एक मरी हुई हाथी पाई गई। उसके पेट में बच्चा था। एक रिहायसी इलाके में 12 अक्टूबर को भी एक मरी हुई हाथी मिली थी। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मंगलवार को मुख्यमंत्री तरूण गोगोई को इस मामले में छानबीन करने को कहा था। रमेश ने एक बयान में कहा, ""दोषियों के खिलाफ क़डी कार्रवाई की जानी चाहिए।"" गोपनीयता की शर्त पर एक पशु चिकित्सक ने कहा, ""प्रारंभिक जांच में पता चला है कि डिफोलू चाय बगान इलाके में रहने वाले ग्रामीणों ने हाथियों को जहर खिलाया है। हम कोई कदम उठाने से पहले फारेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।"" इसी तरह वर्ष 2009 में फसल बरबाद करने, घरों को तो़डने और दो लोगों को कुचलकर मार देने से गुस्साए लोगों ने चार हाथियों को मार डाला था। एक वरिष्ठ वन्यजीव अधिकारी ने बताया, ""वर्ष 2009 के तरीके से ही इस बार भी हाथियों को मारा गया है। देखा गया था कि कटहल, गन्ने या किसी अन्य चीज में जहर मिलाकर खिलाया गया था।""

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