लखनऊ। उत्तर प्रदेश में घाघरा और शारदा नदियों का पानी कई जिलों में तबाही मचा रहा है। अब तक बाढ़ से सैक़डों एक़ड फसलें बर्बाद हो गई है और तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। शारदा और घाघरा ने सबसे ज्यादा तबाही राज्य के बाराबंकी, गोंडा, बहराइच और लखीमपुर खीरी जिलों में मचाई है। इन जिलों में निचले इलाकों के करीब तीन सौ गांव जलमग्न हो गए हैं। राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के अधिकांश इलाकों में लगातार तेज और सामान्य बारिश का दौर जारी है। घाघरा के तेज बहाव से टूटे बाराबंकी के एल्गिन-चरसरी तटबंध का पानी लगातार सीमावर्ती जिले गोंडा के गांवों में तबाही मचा रहा है। गोंडा की कर्नलगंज और तरगंज तहसील में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या तकरीबन 100 हो गई है। गोंडा के जिलाधिकारी मधुकर द्विवेदी ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य जारी है। करीब दो लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। गोंडा जिले में सोनौली के पास घाघरा नदी पर बने भिखारीपुर-सिकरौर तटबंध पर कटान के मद्देनजर प्रशासन सतर्क हो गया है। इधर, बाराबंकी में एल्गिन-चरसरी तटबंध टूटने से हजारों ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। जिले के जिलाधिकारी विकास गोसवाल ने संवाददाताओं को बताया कि हालात पहले से बेहतर हो रहे हैं। घाघरा के जलस्तर में पहले की तुलना में कुछ कमी आई है।
उन्होंने कहा कि अब तक करीब 25,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित इलाकों में प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के जवान नावाें और मोटरबोट के जरिए राहत व बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। बहराइच में बाढ़ से अब तक तकरीबन 100 गांवों के एक लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हंै। सैक़डों एक़ड फसलें बाढ़ में डूबकर नष्ट हो चुकी हैं। लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र के करीब 50 से अधिक गांव शारदा के उफान से जलमग्न हंै। उत्तराखण्ड स्थित बनबसा बैराज से काफी पानी छो़डे जाने और नेपाली नदियाें का जलस्तर बढ़ने से घाघरा और शारदा नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लखीमपुर खीरी, बहराइच, बाराबंकी और गोंडा जिलों में अब तक कुल 11 मौतें हो चुकी हैं।
भारत समाचार
उप्र में बाढ़ से सैक़डों एक़ड फसल बर्बाद, सैक़डों प्रभावित





















