पटना। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी का आरोप है कि बिहार में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत 75 प्रतिशत लोगों को 30 दिन से कम दिनों के लिए ही रोजगार मिला, जबकि इस कानून में 100 दिन के रोजगार का प्रावधान है। उन्होंने युवाओं से राजनीति में आगे आने की अपील भी की।
बिहार के बरबीघा, हिसुआ तथा जहानाबाद में बुधवार को चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि राजनीति में युवा आगे आएं और वे राजनीति के साथ-साथ देश को भी बदलें। उन्होंने कहा कि राजनेता का मतलब होता है, जनता का नौकर। राहुल ने कहा कि उन्होंने अब तक राजनीति में जितना कुछ सीखा है उसके अनुसार नेता को जनता के बीच जाना चाहिए और जनता से बात कर उनके हाथ से हाथ मिलाकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे बिहार में बदलाव लाने के लिए आए हैं न कि यहां से जाने के लिए। इसका रास्ता मुश्किल है लेकिन उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार के चमकने का झूठा प्रचार किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर बिहार चमक रहा है तो बिहार के लोगों को रोजगार के लिए अन्य राज्यों में क्यों जाना प़ड रहा है। दूसरी ओर बेरोजगारों के लिए सबसे ब़डे रोजगार कार्यक्रम मनरेगा का भी यहां सदुपयोग नहीं हुआ। कांग्रेस की कई राज्यों में सरकार है और वह आम आदमी की सरकार है। उन्होंने बिहार सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने यहां के आम लोगों के लिए सभी योजनाओं में पैसे भेजे परंतु यह पैसा लोगों तक नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि इंदिरा आवास योजना में सभी राज्यों से ज्यादा पैसा बिहार को मिला परंतु यहां गरीबों को इसका भी लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षो में बिहार में जो भी सरकार आई उसने जाति और धर्म की बात की, विकास की बात नहीं की। अब ये पार्टियां केवल चुनाव के समय विकास की बात कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह कोई वादा तो नहीं कर रहे परंतु इतना तय है कि कांग्रेस की जो सरकार होगी वह आम लोगों और गरीबों के विकास के लिए सरकार होगी।





















