नई दिल्ली। भारतीय गणतंत्र की 60वीं वर्षगांठ के मौके पर यहां राजपथ पर आयोजित परेड में सबसे छोटा सुपरसोनिक विमान तेजस पहली बार दुनिया के सामने आया। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भ होने की झलक दिखाई दी। परेड में तेजस के अलावा अगिन 3 प्रक्षेपास्त्र, शौर्य मिसाइल और रोहिणी रडार भी शामिल थे। अपने नाम को चरितार्थ करता देश में निर्मित सबसे छोटा और आवाज से भी तेज गति से चलने वाला तेजस विश्व में अपनी श्रेणी का सर्वश्रेष्ठ वायुयान माना जाता है। तेजस जब गणतंत्र दिवस परेड के दौरान झांकी के रूप में राजपथ से गुजरा तो उपस्थित लोगों ने उसका तालियों की ग़डग़डाहट के साथ स्वागत किया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दो लोगों के बैठने की जगह वाले इस विमान के सात प्रोटोटाइप पर वायुसेना के पायलट अब तक 1200 से अधिक सफल उ़डान भर चुके हैं। तेजस का नौसेना रूपांतरण भी विकसित किया जा रहा है।