वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आउटसोर्सिट करने वाली अमेरिकी कंपनियों पर कोई भी मौका नही चुकते फिर निशाना साधा है। उन्होनें बिजनेस पत्रिका ब्लूमबर्ग को इंटरव्यू के दौरान अपने साक्षात्कार में आउटसोर्सिग करने वाली कंपनियों पर जमकर तीर चलाए है। ओबामा ने इस बार भारत में परिचालन रखने वाली ऎसी अमेरिकी कंपनियों को कर चोर तक कह डाला है जो अमेरिकी कंपनियां अपनी लागत बचाने के लिए बहुत से काम भीरतीय आईटी व बीपीओं फर्मो से करवाती है। बराक ने इस साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका में स्थापित और कारोबार करने वाली कंपनियों तो यहां पर निवेश और भर्तियों कर रही है। बदले में उन्हें 35 फीसदी की दर से कर देना पड रहा है। वहीं कई बुहराष्ट्रीय कंपनियों भारत मे निवेश कर रही है, वहां उसके कर्मचारियों, प्लांट व उपकरण है लेकिन मुख्यालय अमेरिका में है। ऎसी एमएनसी भारत में सभी खर्चो पर कर छुट का लाभ ले रही है। लेकिन अपना मुनाफा भारत से बाहर रख रही है। यह पूरी तरह गलत है ऎसी कंपनियों दोनों जगह कर चोरी कर रही है। यहीं बात उन कंपनियों पर भी लागू होती है। जो 90 प्रतिशत बिक्री अमेरिका में करती है। लेकिन अपना नब्बे फीसदी मुनाफा विदेश में रखती है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा मकसद यही है कि ऎसी कंपनियों जो अमेरिका में निवेश कर रही है। और यहां के लोगों को नौकरियों दे रही है। उन्हें भी पुरा मौका यहां मिले। एक सवाल के जवाब में ओबामा ने कहा कि अमेरिका पूरी दुनिया के लिए उपभोक्ता इंजन नही हो सकता। खासकर ऎसे समय जब वह लगातार कर्ज का बोझ तले दबता जा रहा है।