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त्रिपुरा में जंगली भैसों की तादाद बढी

तृष्णा वन्यजीव अभयराण्य पूवोत्तर का ऎसा अकेला राष्ट्रीय उद्यान है जो जंगली भंैसों के संरक्षण के लिए बनाया गया है। बहरहाल, वर्ष 2005 के बाद जंगली भैसों की गणना नहीं की गई लेकिन इनकी संख्या में बढोतरी हुई है क्योंकि वन विभान के अधिकारियों ने कई छोटे भैंसों को हाल ही में देखा है। सूत्रों के अनुसार, छोटे भैसों को चिपत्थर क्षेत्र के घने जंगलों में विचरण करते पाया गया है जो अभयारण्य में इस वन्यजीव का मुख्य क्षेत्र माना जाता है। इस वन्यजीव को मुख्य क्षेत्र के घने जंगलों में विचरण करते पाया गया है जो अभयारण्य में इस वन्यजीव का मुख्य क्षेत्र माना जाता है वन विभान की अब इस अभयारण्य ने नए सिरे से गणना करने की योजना है ताकि जंगली भंैसो, कोबरा, बंदर और हॉर्नबिल (पक्षी) जैसे वन्यप्राणियों की वास्तविक संख्या का पता लगाया जा सके। सूत्रों के अनुसार बिजली गिरने की स्थिति में जानवरों विशेषकर भैसों को बचाने के लिए अभयारण्य में हाल ही छह तडित चालक स्थापित किये गए हैं। पिछले वर्ष बिजली गिरने से पांच भैसों की मौत हो गई थी। इन्हें त्रिपुरा में गाबा कहा जाता है। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार बांग्लादेश से आए शिकारियों ने पिछले वर्ष एक भंैस को गोली मार दी थी। वहीं, एक अन्य भैसे की भी हाल ही में मौत हो गई।




















