नई दिल्ली, 31 अगस्त। फोर्स इंडिया के अघ्यक्ष विजय माल्य 2011 इंडियन ग्रां पी को लेकर खेल मंत्रालय के रवैये से नाराज है। उन्हें हैरानी है कि आखिर मंत्रालय ने क्यो ऎसा कहा कि फार्मूला वन खेल नहीं है। माल्या की फोर्स इंडिया के जियानकार्लाे फिसिचेला ने बेल्जियम ग्रां पी में दूसरा स्थान हासिल करके अपनी टीम के लिए पहला अंक भी जुटाया, जिसके लिए वह अभी स्पा फ्राकोरचैम्प्स में है। उन्होंने कहा कि मै खेल मंत्रालय के आकलन से हैरत में हूं। वह ऎसा कैसे कह कह सकते है कि फार्मूला वन खेल नहीं है। दुनिया के करोडों लोग इस खेल के रूप में देखते है तो फिर उनकी सोच अलग क्यो है। माल्या ने कहा कि ओलंपिक खेल और विश्व कप फुटबाज के बाद फार्मूला वन दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला खेल है। इसलिए यह वास्तव में गलत होगा यदि कोई कहे कि फार्मूला वन खेल नहीं है। इंडियम ग्रां पी पर तब संकट के बादल मंडराने लगे जब खेल मंत्रालय ने भारत में इस खेल के प्रमोटर जेपीएसके स्पोट्र्स को ब्रिटेन में फार्मूला वन प्रशांसकों को लगभग 3 करोड 65 लाख डॉलर ब्रिटेन भेजने को मंजूरी नही दी थी।