नई दिल्ली 22,सितम्बर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सोमवार को साफ कहा कि वह जसवंत सिंह के निष्कासन से सहमत नहीं थे, जबकि पार्टी नेता ने 19 अगस्त को हुई शिमला चिंतन बैठक में दावा किया था कि इस फैसले में वे भी शामिल थे। हालांकि उन्होंने इसके बारे में और कुछ कहने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वे विवाद बढाना नहीं चाहते। अपनी किताब में मोहम्मद अली जिन्ना की तारीफ करने पर भाजपा ने जसवंत को पार्टी से निकाल दिया था।