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भारत समाचार

पिता के डर न दी परिवार को सात साल कैद

मुंबई 1,अक्टूबर। मुंबई में एक वहशी इंसान ने अपनी दो बेटियों और पत्नी को सात साल तक घर में कैद कर रखा। बताया जाता है कि 60 साल के गोम्स ने घर की महिलाओं को सिर्फ इसलिए बंधक बनाकर रखा, क्योंकि वह ये मानता रहा कि बाहर उनके साथ ज्यादती और बदसलूकी हो सकती है।
नयागांव की इमारत में फ्रांसिस गोम्स ने 7 साल तक अपनी पत्नी और 3 बेटियों को कैद रखा। उनके साथ मारपीट की और उन्हें भूखा रखा। हर रोज फ्रांसिस सुबह घर से निकल जाता और घर पर बाहर से ताला लगा देता था। बाहर जाने से पहले वो घर की बिजली, खि़डकी और दरवाजे बंद कर देता था। प़डोसियों को ऎसा लगता कि घर में कोई नहीं है। पिता की करतूत सामने आने के बावजूद उसके चेहरे पर कोई शिकन नही है नाही उसे अपने जुर्म का कोई पछतावा हैं।
दरअसल फ्रांसिस को ये लगता था कि अगर उसकी बेटिया बाहर गई तो उनके साथ बुरा होगा। उनका बलात्कार हो जाएगा। ये कहकर उसने अपनी बेटियों को दहशत में रखा हुआ था। उन्हें ये कहकर टीवी भी नहीं देखने देता था कि वो बिग़ड जाएंगी। अगर कभी उन्हें स्कूल या कॉलेज जाना होता तो खुद लेकर उन्हें जाता और फिर घर लेकर आता। उसकी सनक और पागलपन की कहानी यहीं खत्म नहीं होताी है। फ्रांसिस की छोटी बेटी बारबारा की गर्दन टूटी हुई है और वह बोल भी नही पाती है। दरअसल एक्जाम में फेल होने पर खुद फ्रांसिस ने उसे इतनी जोर से मारा कि उसकी गर्दन टूट गई। महीनों से वो इसी दर्द के साथ जी रही है। फ्रांसिस का ये जुल्म जून महीने में दुनिया के सामने उस वक्त सामने आया जब उसकी मंझली बेटी किसी तरह अपने बाप के कैदखाने से निकल भागी।
मंगलवार को आनंद एनजीओ ने पुलिस की मदद से इन्हें इनके घर से छु़डाया। एक अरसे के बाद खुली हवा और सूरज की रोशनी में ये अजीब महसूस कर रही थी। फ्रांसिस की कैद से आजाद होने के बाद उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद एनजीओ ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया। इस घटना से आस-प़डोस के लोग सकते में है।

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