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तेलंगाना पर तकरार, बंटी सरकार

विजयव़ाडा से सांसद एल. राजगोपाल सहित कांग्रेस के दो सांसदों ने भी अलग तेलंगाना का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस हाईकमान को भेजने के बजाय सीधे लोकसभा अध्यक्ष को भेज दिया है। कुछ और सांसद भी अलग तेलंगाना राज्य बनाए जाने के खिलाफ हैं। समझा जाता है कि आंध्र प्रदेश के कांग्रेसी सांसद इस मामले पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के प्रयास में हैं। ज्ञात रहे आंध्र प्रदेश विधानसभा में इस समय कांग्रेस के कुल 158, टीडीपी के 105, प्रजाराज्यम पार्टी के 18 और अन्य 13 विधायक हैं। गौरतलब है कि बुधवार को अलग तेलंगाना पर सहमति बनने के बाद आज आंध्र प्रदेश विधानसभा में उस पर एक प्रस्ताव लाया जाना था, लेकिन यकायक हालात तेजी से बदल गए और अलग तेलंगाना पर कई विधायकों ने असहमति जताते हुए अपने इस्तीफे दे दिए।
इससे साफ है कि अलग तेलंगाना को लेकर कांग्रेस के भीतर भी विरोध तेज होता नजर आ रहा है। इस बीच हैदराबाद को लेकर भी अजीबो-गरीब स्थिति पैदा हो गई है। हैदराबाद को भी तेलंगाना का हिस्सा बताया जाता रहा है। इसे लेकर अब उहापोह की स्थिति बन गई है। दूसरी ओर स़डकों पर भी तेलंगाना का विरोध शुरू हो गया है। वहां से आ रही खबरों के मुताबिक आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में श्री कृष्ण देव राइ न्यू विश्वविद्यालय के छात्रों ने अलग तेलंगाना बनाने के विरोध में और यूनाइटेड आंध्र प्रदेश के लिए तो़ड-फो़ड और बवाल किया। इसके पहले बुधवार के एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में केंद्र सरकार ने पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को सहमति दे दी थी और इसकी प्रक्रिया शुरू करने का वादा किया था। केंद्र की सहमति के साथही पृथक तेलंगाना राज्य के लिए 11 दिनों से अनशन कर रहे तेलंगाना राष्ट्रीय समिति के प्रमुख के. चंद्रशेखर राव ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था।
इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के. रोसैया ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात की थी, जिसके बाद तेलंगाना संबेंधी यह निर्णय लिया गया। सरकार ने तेलंगाना राज्य के गठन के मुद्दे पर आगे की बातचीत के लिए तेलंगाना राष्ट्र समिति के प्रमुख चन्द्रशेखर राव को दिल्ली बुलाया गया है। उधर, अलग तेलंगाना राज्य गठन करने के केन्द्र सरकार के फैसले के बाद देश में और कई अन्य राज्यों के गठन की मांग ने जोड पक़ड लिया है। गोरखालैंड के समर्थकों ने अपने लिए पृथक की मांग के लिए दार्जीलिंग में बंद आह्वान कर दिया है, जबकि राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) नेता अजित सिंह ने भी हरित प्रदेश के गठन के लिए अपना आंदोलन फिर शुरू करने की चेतावनी दे डाली है।




















