नई दिल्ली। दुनिया में सबसे तेजी से उभरते दूरसंचार बाजार भारत में तीसरी पीढी की मोबाइल सेवा शुरू करने के लिए कंपनियों को थ्री जी स्पेक्ट्रम आंवटित करने की बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया शुक्रवार से ऑन लाइन शुरू हो रही है।
इस नीलामी से सरकार को 35 हजार करोड रूपए से अधिक की राशि मिलने की संभावना है। इसके साथ ही देश में ब्रॉडबैंड वायरलेस सेवा के लिए भी स्पेक्ट्रम आवंटन करने के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी लेकिन यह थ्री जी की नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसकी शुरूआत की जाएगी। भारती एयरटेल और वोडाफोन एस्सार की ओर से इस स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस मेगाहट्जा का भविष्य में 3जी सेवाओं के लिए होता है। इसे उच्च क्षमता वाला बैंड माना जाता है और इसके अनुसार नेटवर्क बिछाने में कम लागत आती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सितंबर में स्पेक्ट्रम मिलने पर कंपनियां वर्ष 2011 के प्रांरभ में ही थ्री जी सेवा शुरू कर सकेगी। देश में दूरसंचार सेवा प्रदान करने वाली छह प्रमुख कंपनियों सहित कुल नौ कंपनियों ने थ्री जी स्पेक्ट्रम के लिए आवेदन किया है जबकि बारह कंपनियां ब्राडबैंड वायरलेस लाइसेंस की दौड में है।
भारत समाचार
थ्री जी स्पेक्ट्रम की नीलामी आज से





















