नई दिल्ली। ओलंपिक खेलों में आज अमेरिका से आगे निकलकर खेलों की दुनिया में राज करने वाले चीन ने इसकी शुरूआत आज से 28 साल पहले दिल्ली में नौवें एशियाई खेलों में जापान की बादशाहत समाप्त करके की थी।
असल में दूसरी बार दिल्ली में हुए इन महाद्वीपीय खेलों ने एशिया ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव डाला था। 19 नवंबर से चार दिसंबर 1982 के बीच हुए इन खेलों में 33 देशों के 4595 खिलाडियों ने भाग लिया था। यह पहले एशियाई खेल थे जो एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) की छत्रछाया में आयोजित किए गए थे। चीन इन खेलों में नई एशियाई खेल शक्ति के रूप में उभरा था।
चीन ने 61 स्वर्ण, 51 रजत और 41 कांस्य पदक सहित कुल 153 पदक हासिल करके जापान की पिछले आठ एशियाई खेलों में चली आ रही बादशाहत समाप्त कर दी थी। जापान ने भी 153 पदक जीते थे लेकिन उसके स्वर्ण पदकों की संख्या 57 थी। मेजबान भारत ने भी पदक बटोरने में कोताही नहीं बरती थी और कुल 57 पदक जीते थे जो एशियाई खेलों में अब तक का उसका सर्वश्रेष्ठ रिकार्ड भी है।
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चीन ने समाप्त की थी जापान की बादशाहत





















