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बोपन्ना-कुरैशी ने मचाई धूम, खिताब से एक कदम दूर

नई दिल्ली। भारत के रोहन बोपन्ना और उनके पाकिस्तानी जोडीदार ऎसाम उल हक कुरैशी वर्ष के आखिरी ग्रैंडस्लेम यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पुरूष युगल के फाइनल में पहुंचकर नया इतिहास रचने से सिर्फ एक कदम दूर रह गए है।
बोपन्ना-कुरैशी के लिए यह पहला मौका है जब वे किसी ग्रैंडस्लेम के फाइनल में पहुंचे हैं। 16वीं वरीयता प्राप्त बोपन्ना-कुरैशी ने सेमीफाइनल में गैर वरीयता प्राप्त अर्जेटीना के एडुआर्डो श्वांक और होरेशियो जेबेलोस की जोडी को 7-6 (7-5), 6-4 से हराया। दोनों देशों के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत भारत के हरप्रीत सूरी और पाकिस्तान के अब्दुल्ला एच हारून यह मैच देखने के लिए अतिविशिष्ट दर्शकों में मौजूद थे। पहले सेट में जोरदार मुकाबला दर्शकों में मौजूद थे। पहले सेट में जोरदार मुकाबला देखने को मिला। जबर्दस्त संघर्ष के बाद यह सेट टाइब्रेकर में çख्ंाच गया। दूसरे टेस्ट में बोपन्ना-कुरैशी ने प्रतिद्वंद्धियों की सर्विस तोडन के साथ ही अपनी जीत पक्की कर ली। फाइनल में बोपन्ना-कुरैशी का सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका के ब्रायन बंधुओं बॉब व माइक से होगा। दो बार के चैंपियन बॉब-माइक ने सेमीफाइनल में स्पेनिश जोडी मार्सेल ग्रेनोलर्स और टॉमी रोब्रेडो पर 6-1, 6-4 से जीत दर्ज की। बोपन्ना-कुरैशी ने आठ पुरूष युगल ग्रैंडस्लेम विजेता ब्रायन बंधुओं को इस वर्ष अगस्त में वाशिंगटन में पराजित किया था। वैसे ब्रायन बंधु इस सत्र में अभी तक सिर्फ एक बार हारे है। खेल मंत्री मनोहर सिंह ने अमेरिकी ओपन के युगल मुकाबले के फाइनल में जगह बनाने वाली भारतीय डेविस कप टीम के सदस्य रोहन बोपन्ना और उनके पाकिस्तानी जोडीदार एसास उल हक कुरैशी को बधाई दी है। गिल ने गुरूवार को कहा कि जिस तरह बोपन्ना और कुरैशी साथ-साथ खेलकर अपने परिजनों और देश का नाम रोशन कर रहे है, ठीक उसी तरह भारत और पाकिस्तान साथ-साथ खेलकर बीच की दूरियों को क्यो नहीं मिटा सकते। गिल ने बोपन्ना-कुरैशी को जीत की बधाई देते हुए अपने बयान में कहा कि मैं बोपन्ना और कुरैशी के खेल का प्रशंसक रहा हूं। दोनों के बीच बहुत अच्छा सामंजस्य है। दोनों युगल वर्ग के शीष्ाü खिलाडी बन सकते है। गिल ने कहा कि मैं सबसे एक ही सवाल करना चाहता हूं। अगर बोपन्ना और कुरैशी साथ-साथ खेल सकते है तो फिर भारत और पाकिस्तान क्यो नहीं। हमें इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

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